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Friday, April 17, 2026
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कटनी में पेयजल संकट के आसार, 1 अप्रैल से 30 जून तक पूरा जिला घोषित अभावग्रस्त क्षेत्र

कलेक्टर आशीष तिवारी का बड़ा फैसला, बिना अनुमति नलकूप खनन और जल उपयोग पर सख्ती

सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी— भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून तक पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।यह आदेश म.प्र. पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 एवं संशोधन अधिनियम 2022 के तहत जारी किया गया है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले महीनों में जिले के सभी विकासखंडों और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने की संभावना है।आदेश के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति पेयजल स्रोतों का उपयोग घरेलू जरूरतों के अलावा अन्य कार्यों में नहीं कर सकेगा। नदी, नाले, स्टॉप डैम और सार्वजनिक कुओं के जल को सुरक्षित घोषित कर दिया गया है। नलकूप खनन पर सख्तीजिले में अब कोई भी व्यक्ति निजी भूमि पर भी बिना अनुमति नया नलकूप नहीं खोद सकेगा। इसके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। निजी जल स्रोत भी हो सकते हैं अधिग्रहितयदि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक जल स्रोत सूख जाते हैं, तो प्रशासन जनहित में निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण भी कर सकता है। उल्लंघन पर होगी कार्रवाईआदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ म.प्र. पेयजल अधिनियम 1986 की धारा 9 और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को दिए निर्देशइस आदेश के पालन के लिए एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी, नगर निकाय और पंचायत स्तर तक के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।गर्मी से पहले प्रशासन का यह कदम संकेत देता है कि इस बार पानी का संकट गंभीर हो सकता है। ऐसे में नागरिकों को भी जल संरक्षण के प्रति सजग रहने की जरूरत है।

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