अरविंद तिवारी/ खबर डिजिटल/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक तरफ जहां आम जनता गैस संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर आपदा को अवसर में बदलने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर की चर्चित पॉपुलर गैस एजेंसी के गोदाम से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जिले के प्रशासनिक अमले और गैस वितरण प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है।
गोदाम बना अवैध रिफिलिंग का अड्डा
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी सुरक्षित मानकों को ताक पर रखकर गोदाम के भीतर ही खाली सिलेंडरों में गैस भरने का काम कर रहे हैं। इस अवैध खेल के जरिए उपभोक्ताओं के हक पर डाका डाला जा रहा था। नियमों के विरुद्ध जाकर एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस पलटने का यह जोखिम भरा काम खुलेआम किया जा रहा था।
कम वजन और कालाबाजारी का आरोप
इस पूरे मामले में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी। आरोप है कि रिफिलिंग के दौरान सिलेंडर में निर्धारित वजन से 1 से 2 किलो कम गैस भरी जा रही थी। इसके बावजूद ग्राहकों से मनमानी कीमतें वसूली जा रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, ये अवैध सिलेंडर चोरी-छिपे होटलों और रसूखदार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ऊंची कीमतों पर सप्लाई किए जा रहे थे, जबकि आम उपभोक्ता लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता रहा।
कर्मचारियों पर गिरी गाज, प्रशासन हुआ सतर्क
वीडियो के सार्वजनिक होते ही एजेंसी संचालक ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए दो कर्मचारियों को तत्काल सेवा से बाहर कर दिया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या इतनी बड़ी धांधली संचालक की मिलीभगत के बिना संभव है? खबर फैलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरेगी या मुख्य दोषियों पर भी सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।


