सिवनी/विशाल भारद्वाज/ खबर डिजिटल/ सिवनी देशभर में स्वच्छता को लेकर सरकारें बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है. सिवनी जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो स्वच्छ भारत अभियान पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मामला विकासखंड घंसौर के मुख्यालय का है, यहां स्थित कन्या आश्रम छात्रावास में कक्षा पहली से पांचवीं तक की छोटी-छोटी छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
लेकिन हैरानी की बात ये है कि ग्राम पंचायत घंसौर द्वारा पूरे नगर का कूड़ा-कचरा इसी छात्रावास के पास डंप किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, इस कचरे को नष्ट करने के लिए आग भी लगाई जाती है, जिससे उठने वाला धुआं और बदबू छात्रावास में रह रही बच्चियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
छात्रावास अधीक्षक और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाने की बात कही है।
आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना की बदबू, मक्खी-मच्छरों और गंदगी से सभी परेशान हैं। लोगों ने कई बार ग्राम पंचायत से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। “यहां रहना मुश्किल हो गया है, बदबू और धुआं से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं… लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब छोटे-छोटे मासूम बच्चे, जो अपने परिवार से दूर रहकर इस आश्रम में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें ही सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण नहीं मिल पा रहा है, तो स्वच्छ भारत अभियान के दावे आखिर कितने सच हैं ? अब देखना होगा कि स्थानीय और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।


