MP OBC Reservation: मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए आदेश में बदलाव करते हुए याचिकाओं को फिर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पास भेज दिया है। अब इस मामले पर अंतिम निर्णय हाईकोर्ट स्तर पर होने की आशंका बढ़ गई है।
दरअसल, पहले राज्य सरकार ने आरक्षण से जुड़े कई मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कराया था, जहां वे अलग-अलग बेंचों के सामने लंबित थे। इसके बाद फरवरी में कोर्ट ने कई मामलों को वापस हाईकोर्ट भेजने का फैसला लिया था, लेकिन कुछ याचिकाएं उस आदेश में शामिल नहीं हो पाई थीं।
54 मामले भेजे हाईकोर्ट
अब रिव्यू याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने अपनी गलती सुधारते हुए 54 अतिरिक्त मामलों को भी हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। हालांकि दो याचिकाएं दीपक कुमार पटेल बनाम राज्य शासन और हरिशंकर बरोदिया बनाम राज्य शासन अब भी सुप्रीम कोर्ट में ही विचाराधीन रहेंगी।
2 अप्रैल को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के संशोधित आदेश के बाद ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। जानकारी के मुताबिक, इन मामलों पर अंतिम बहस 2 अप्रैल से शुरू होगी, जो इस पूरे मामले के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कई पक्षों की ओर से अपने तर्क रखे हैं, जिससे अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिक गई हैं।


