Jaibhan Singh Pawaiya: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और राज्य वित्त आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया को लेकर एक बड़ा आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पवैया अब राज्य सरकार में राज्य मंत्री के स्तर की सुविधाओं, भत्तों और प्रोटोकॉल के हकदार होंगे।
कौन है पैवया?
70 वर्षीय जयभान सिंह पवैया बीजेपी के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके पवैया वर्तमान में महाराष्ट्र बीजेपी के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनका यह कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक रहेगा।
राजनीति के खिलाड़ी पवैया
ग्वालियर की सियासत में पवैया का कद काफी ऊंचा रहा है। वे 1999 में सांसद रह चुके हैं और शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। रोचक बात यह है कि ग्वालियर विधानसभा सीट पर उनका मुकाबला वर्तमान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से रहा है, जहां दोनों ने एक-दूसरे को अलग-अलग चुनावों में मात दी है।
वित्त आयोग, नई चुनौतियां
पवैया के साथ ही आयोग में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी के.के. सिंह और वीरेंद्र कुमार को सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है। इन सभी ने हाल ही में राज्यपाल मंगूभाई पटेल से भेंट कर अपना कार्यभार औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है।
संभालेंगे ये जिम्मेदारियां
राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद पवैया राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के बीच टैक्स और राजस्व के वितरण की रूपरेखा तैयार करना, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क, पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं के लिए बजट प्रबंधन की सिफारिश करना और स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उपाय सुझाना जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालेंगे।


