P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशडिंडौरी में पीएम आवास घोटाला: अपात्रों ने जमाया कब्जा, 34 हितग्राहियों को...

डिंडौरी में पीएम आवास घोटाला: अपात्रों ने जमाया कब्जा, 34 हितग्राहियों को नोटिस

डिंडौरी/ शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ डिंडौरी ​प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में पारदर्शिता और ईमानदारी के दावों के बीच एक बार फिर डिंडौरी नगर परिषद सुर्खियों में है। नगर परिषद से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। औरई बायपास पर बने सरकारी आवासों में जब प्रशासन की टीम भौतिक सत्यापन के लिए पहुंची, तो वहां की जमीनी हकीकत देखकर अधिकारी दंग रह गए। उन लोगों ने भी आवास योजना का लाभ उठा लिया जिन्हें इस की कोई जरूरत ही नहीं थी। जबकि असली हकदार अब भी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

गरीब को मिलने वाला लाभ अपात्र को दिया

​कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने जब 83 आवासों का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। जांट टीम में संयुक्त जांच टीम में नायब तहसीलदार शशांक शेडे, उपयंत्री यशवंत मसराम, राजस्व निरीक्षक हेमंत उईके और अन्य अधिकारी शामिल थे।

MP DA Hiked: मध्यप्रदेश कर्मचारियों का बढ़ा 3% DA, आदेश जारी

जांच टीम ने पाया कि शासन की ​प्रधानमंत्री आवास योजना का दुरुपयोग हो रहा है। लोग सेटिंग और जुगाड़ जमाकर गरीबों के हक पर कब्जा किये हुए हैं। गरीब जनता को मिलने वाला लाभ अमीर और अपात्र लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। और जिन्हें ये मकान मिलने थे, नहीं मिलने पर अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। इनमें 8 हितग्राही ऐसे पाए गए जिन्होंने खुद रहने के बजाय सरकारी मकान को कमाई का जरिया बना लिया और उसे किराए पर दे दिया।

34 हितग्राहियों को कारण बताओं नोटिस जारी

26 आवास ऐसे मिले जो लंबे समय से खाली या बंद हैं। इससे स्पष्ट है कि इन आवंटियों के पास पहले से रहने की व्यवस्था है और उन्होंने केवल संपत्ति बनाने के लिए योजना का लाभ लिया। ​इस धांधली को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने 34 हितग्राहियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ​अपात्र पाए गए लोगों की पात्रता तुरंत निरस्त की जाएगी। ​सरकार द्वारा दी गई राशि की वसूली “राजसात” की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन के द्वारा इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर ​6 अप्रैल की शाम 4 बजे तक का अंतिम समय दिया गया है जवाब संतोषजनक न होने पर वैधानिक कार्रवाई और FIR भी हो सकती है।

कांग्रेस पार्षद ने मिलीभगत का लगाया आरोप

​इस खुलासे से विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्षद,ज्योतिरादित्य भलावी का कहना है कि नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्रों को रेवड़ियाँ बांटी गईं, जबकि गरीब और जरूरतमंद आज भी बेघर हैं। ​दूसरी ओर, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस ने इस पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई है, जिससे परिषद की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। ​यह मामला न केवल स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी की कितनी कमी है।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट