भोपाल/खबर डिजिटल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के Power Distribution Training Center (PDTC) में मंगलवार को ‘’विद्युत सुरक्षा’’ विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में कंपनी के उप महाप्रबधकों, प्रबंधक एवं सहायक प्रबंधकों ने तकनीकी सुरक्षा और आधुनिक सुरक्षा मानकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित प्रशिक्षण सत्र में केएफडब्ल्यू (KfW) द्वारा वित्तपोषित प्रोजेक्ट के तहत विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की। प्रोजेक्ट कंसल्टेंट मेसर्स मरकाडॉस इनर्जी मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहायक निदेशक श्री सिद्धार्थ घोष, प्रबंधक श्री संदीप शर्मा एवं सहायक श्री पंकज गोइंका तथा श्री मोहित भारद्वाज ने पॉवर सेक्टर में सुरक्षा की वैश्विक प्रणालियों और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
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प्रिवेन्टिव सुरक्षा प्रणाली पर ध्यान दिया जाए : प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग
कार्यक्रम में प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि फील्ड में तैनात इंजीनियर्स को समझना होगा कि कंपनी की प्राथमिकता निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ ही लाइन स्टाफ, इंजीनियर्स और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ‘जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुरक्षा उपकरणों का शत-प्रतिशत उपयोग और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है।
विद्युत सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि ‘प्रिवेन्टिव’ (निवारक) सुरक्षा प्रणाली पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। इंजीनियरिंग स्टॉफ और लाइन स्टॉफ द्वारा संभावित खतरों की पहले ही पहचान कर उन्हें ठीक कर दिया जाना चाहिए। अत्याधुनिक तकनीक और लाइनों, उपकेन्द्रों तथा विद्युत उपकरणों का नियमित रूप से निरीक्षण और जरूरत होने पर मेंटेनेंस किया जाना जरूरी है, जिससे विद्युत दुर्घटनाएं घटित ही न हों।
प्रबंध संचालक ने कहा कि लाइनों पर कार्य के दौरान अति-आत्मविश्वास में न रहते हुए सुरक्षा को केवल नियम न मानें, बल्कि इसे अपने कार्य व्यवहार में संस्कार की तरह उतारें। उन्होंने कहा कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के साथ ही बिजली बिजली लाइनों के रख-रखाव और परिचालन के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को शून्य स्तर पर लाना है, जिससे कंपनी कार्मिकों, उनके आश्रितों और आमजन के साथ ही कंपनी की विद्युतीय सामग्री को विद्युत दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान निदेशक (वाणिज्य) श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने उपभोक्ताओं की सेवाओं के साथ-साथ तकनीकी संचालन में सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। निदेशक (पीडीटीसी) श्री अनिल कुमार खत्री ने प्रशिक्षण केंद्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ सुरक्षा मानकों का ज्ञान ही एक इंजीनियर को पूर्ण बनाता है। इस अवसर पर कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।


