डिंडौरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी, जिले से इंसानियत और साहस की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र का दिल जीत लिया है। जिला मुख्यालय से करीब 12-13 किलोमीटर दूर मोहदा गांव में एक बेजुबान बैल मौत के मुंह में समाने से बाल-बाल बच गया। एक अनहोनी घटना में बैल 25से 30 फीट गहरे सूखे कुएं में गिर गया था। इस विकट परिस्थिति में “डिंडोरी युवा शक्ति” देवदूत बनकर सामने आये और अपनी जान जोखिम में डालकर उस बेजुबान को सकुशल बाहर निकाल लिया।
कुआं अत्यंत गहरा और संकरा था, जिससे बैल के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। जैसे ही इस घटना की जानकारी ‘डिंडौरी युवा शक्ति’ के सदस्यों को मिली, वे बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवाओं ने तुरंत बचाव कार्य की रणनीति बनाई।
कुएं की गहराई और बैल की विशालकाय स्थिति को देखते हुए, युवाओं ने बड़ी चतुराई से जेसीबी (JCB) मशीन का उपयोग किया। कड़ी मशक्कत और घंटों के संघर्ष के बाद, अपनी सूझबूझ और टीम वर्क के दम पर उन्होंने बैल को सुरक्षित कुएं से बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
इस पूरी बचाव मुहिम का नेतृत्व ‘डिंडौरी युवा शक्ति’ के सदस्यों द्वारा किया गया। इस सराहनीय कार्य में प्रमुख भूमिका निभाने वाले युवाओं में समाजसेवी रोहित कांसकर, सिद्धार्थ चौहान, यीशु गवले, सौरभ मेहरा और आदिल खान शामिल रहे। इन युवाओं की तत्परता और संवेदनशीलता ने यह साबित कर दिया कि समाज में जब नेक इरादे वाले युवा एकजुट होते हैं, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी छोटी पड़ जाती है।
बैल को सुरक्षित बाहर आता देख वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भर आईं। स्थानीय निवासियों ने ‘डिंडौरी युवा शक्ति’ के सदस्यों की जमकर प्रशंसा की है। ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग अपनी समस्याओं में व्यस्त रहते हैं, वहीं इन युवाओं ने एक बेजुबान की पीड़ा समझकर जो उदाहरण पेश किया है, वह वास्तव में काबिलेतारीफ है।
यह घटना न केवल एक जानवर का जीवन बचाने के लिए याद की जाएगी, बल्कि यह डिंडोरी के सामाजिक जुड़ाव और युवाओं की सक्रियता का एक उत्कृष्ट प्रमाण है। ‘डिंडौरी युवा शक्ति’ का यह साहसी कार्य आने वाली पीढ़ी के लिए हमेशा मिसाल बना रहेगा।
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