Morena Student Suicide: मध्यप्रदेश बोर्ड के परीक्षा परिणाम जहां कई परिवारों के लिए खुशियां लेकर आए, वहीं मुरैना के एक परिवार के लिए यह दिन मातम में बदल गया। परीक्षा में असफल होने के तनाव में एक 12वीं के छात्र ने मौत को गले लगा लिया। छात्र ने कट्टे से खुद के सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान ऋतिक उर्फ बेटू डंडोतिया पुत्र शैलेंद्र डंडोतिया के रूप में हुई है, जो शहर के महावीर पुरा इलाके का निवासी था। ऋतिक कक्षा 12वीं में गणित संकाय का छात्र था। सुबह 11 बजे जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ और ऋतिक को अपने फेल होने की जानकारी मिली, वह गहरे तनाव में आ गया। उसने परिजनों से माता बसैया के दर्शन करने की बात कही और अपनी स्कूटी उठाकर घर से निकल गया। काफी देर तक वापस न लौटने पर जब उसकी तलाश की गई, तो कोतवाल डैम के पास उसका शव बरामद हुआ। ऋतिक ने वहीं अवैध कट्टे से अपने सिर में गोली मार ली थी।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के मोरचुरी हाउस पहुंचाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल से स्कूटी और हथियार बरामद करने की प्रक्रिया की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक मोरचुरी हाउस में शव का पोस्टमार्टम जारी था।
हार अंतिम नहीं होती
इस दुखद घटना ने एक बार फिर बोर्ड परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि एक परीक्षा परिणाम जीवन की दिशा तय नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री और बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट किया है कि असफल छात्रों के लिए रुक जाना नहीं जैसी योजनाएं उपलब्ध हैं, जहां वे दोबारा परीक्षा देकर सफल हो सकते हैं।


