MP Transfer Policy: मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में लंबे समय से अपनी मनपसंद पोस्टिंग का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में नई तबादला नीति-2026 लागू करने के संकेत दे दिए हैं। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों और विधायकों की मांग के बाद सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। माना जा रहा है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक कैबिनेट में ड्राफ्ट पेश होने के बाद मई महीने में तबादलों का रास्ता साफ हो जाएगा।
1 महीने खुलेगा तबादलों का पिटारा
सूत्रों के मुताबिक, सामान्य प्रशासन विभाग तबादला नीति का नया ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। सरकार इस बार तबादलों पर लगी पाबंदी को केवल एक महीने के लिए हटा सकती है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी विभाग में कुल कैडर स्ट्रेंथ के 10 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकेंगे।
प्रभारी मंत्रियां होंगे पावरफुल
नई नीति के तहत जिला स्तर पर होने वाले तबादलों में प्रभारी मंत्रियों की भूमिका सबसे अहम होगी। जिला स्तर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादलों की लिस्ट संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा तैयार की जाएगी। कलेक्टर द्वारा प्रस्तावित सूची में प्रभारी मंत्री अपनी ओर से बदलाव कर सकेंगे और उनकी मंजूरी के बाद ही आदेश जारी होंगे। इस व्यवस्था से उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से अपने गृह जिले या मनचाही जगह पर पोस्टिंग की आस लगाए बैठे हैं।
कैबिनेट में उठी थी मांग
बताया जा रहा है कि बुधवार को भोपाल में हुई कैबिनेट की अनौपचारिक चर्चा के दौरान कई मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया था। मंत्रियों का तर्क था कि लोकसभा चुनाव के बाद अब प्रशासनिक कसावट और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तबादला नीति लाना जरूरी है। सीएम मोहन यादव ने इस पर रुख दिखाते हुए अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।


