Kartikeya Chauhan: मध्य प्रदेश की राजनीति के पांव-पांव वाले भैया यानी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान अब समाज सेवा के क्षेत्र में अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते नजर आ रहे हैं। भेरूंदा विकासखंड के दशहरा मैदान स्थित सांदीपनी विद्यालय परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के भव्य सम्मेलन में कार्तिकेय ने न केवल शिरकत की, बल्कि एक संकल्प भी लिया।
शिवराज की परंपरा को बढ़ाएंगे आगे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान ने घोषणा की कि वे आने वाले समय में स्वयं की राशि से गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न करवाएंगे। गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहने के दौरान और उसके बाद भी निजी तौर पर बेटियों के विवाह करवाते रहे हैं। अब कार्तिकेय ने इस पारिवारिक परंपरा को जिम्मेदारी के साथ निभाने का वादा किया है।
200 जोड़ों का हुआ विवाह
भेरूंदा में आयोजित इस सम्मेलन में कुल 200 जोड़ों का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। 179 जोड़ों ने अग्नि के फेरे लेकर सात जन्मों के साथ का संकल्प लिया। वही 21 जोड़ों का इस्लामिक रस्मों के अनुसार निकाह कराया गया। कार्यक्रम में कार्तिकेय के साथ बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव और जिले के कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
शादी अनुभव और प्रेम का पाठ
हाल ही में वैवाहिक बंधन में बंधे कार्तिकेय सिंह चौहान ने नए जोड़ों के साथ अपने निजी अनुभव भी साझा किए। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में वैवाहिक जीवन को सफल बनाने का मंत्र देते हुए कहा कि जब भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो, तो कभी-कभी हार मान लेना चाहिए। हार मानने से प्रेम घटता नहीं, बल्कि और बढ़ता है। कार्तिकेय की इस सहजता और सलाह ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।
