डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बैंक लोन दिलाने के नाम पर एक शिक्षक को अपनी मेहनत की कमाई और घर के जेवरों से हाथ धोना पड़ा। एक शातिर दलाल ने कागजी खानापूर्ति और ऊँची पहुँच का झांसा देकर शिक्षक से 1 लाख रुपये नगद और करीब 8 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात ठग लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जालसाज की तलाश शुरू कर दी है।
ठगी के शिकार हुए पीड़ित शिक्षक नारायण पन्द्राम, निवासी कलगी टोला (जनपद मेहदवानी), ने बताया कि वे पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। उनके ट्रैक्टर की ईएमआई (EMI) बाउंस हो रही थी, जिसे चुकाने के लिए उन्हें तत्काल रुपयों की आवश्यकता थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनके गांव के ही एक व्यक्ति दुर्गेश सोनवानी ने उन्हें लोन दिलाने का लालच दिया। दुर्गेश ने पहले उनके एक रिश्तेदार को केसीसी (KCC) लोन दिलवाया था, जिससे शिक्षक का उस पर भरोसा जम गया।
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शुरुआत में दुर्गेश ने शिक्षक को किसान क्रेडिट कार्ड लोन दिलाने के नाम पर ‘सर्च रिपोर्ट’ बनवाने हेतु 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब लोन नहीं मिला और शिक्षक ने पैसे वापस मांगे, तो दुर्गेश उन्हें डिंडौरी के मिंगड़ी निवासी एक अन्य दलाल ब्रजेश टांडिया के पास ले गया। ब्रजेश ने खुद को बैंक के बड़े अधिकारियों का करीबी बताया और कहा कि वह पुराने लोन को ‘बैलेंस ट्रांसफर’ (BT) करवाकर एक बड़ी राशि का नया लोन पास करवा देगा।
शातिर दलाल ब्रजेश ने शिक्षक को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कैंटीन में बुलाकर उनके पास मौजूद जेवरों की जानकारी ली। इसके बाद, पुरानी बस्ती मंडला बस स्टैंड के पास एक परिचित जनक राठौर के पास शिक्षक के 414.462 ग्राम सोने और 20.593 ग्राम चांदी के जेवरात (कीमत करीब 8 लाख रुपये) अमानत के तौर पर रखवा दिए। इसके बदले में शिक्षक को मात्र 1 लाख 45 हजार रुपये दिलवाए गए।
यही नहीं, ब्रजेश ने ईएमआई जमा करने के बहाने 13 और 14 फरवरी को शिक्षक से 1 लाख रुपये नगद भी ले लिए। पीड़ित शिक्षक ने यह नगद राशि दूसरों से उधार मांगकर जुटाई थी।
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रुपये और जेवर हाथ में आते ही दलाल ब्रजेश टांडिया ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने शिक्षक का फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क से बाहर हो गया। जब शिक्षक ने जेवर रखने वाले जनक राठौर से संपर्क किया, तो वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित शिक्षक ने सिटी कोतवाली पहुंचकर आपबीती सुनाई।
सिटी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दलाल ब्रजेश टांडिया और इस साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की कड़ी तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेवर बरामद करने के प्रयास किए जाएंगे। बैंक लोन के लिए हमेशा अधिकृत बैंक शाखा में ही संपर्क करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या दलाल को अपने कीमती दस्तावेज, नगद राशि या जेवरात न सौंपें।
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