डिंडोरी / खबर डिजिटल / शैलेश नामदेव/ अमरपुर, डिंडौरी, जिले के शासकीय महाविद्यालय अमरपुर में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुछ युवकों ने प्राचार्य कक्ष के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में घंटों तनाव का माहौल बना रहा। आखिरकार बुधवार दोपहर अमरपुर पुलिस को कटर मशीन से ताला काटकर प्राचार्य को कक्ष में प्रवेश दिलाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार 15 अप्रैल को शाम करीब 6 बजे सहायक प्राध्यापक आशीष मरावी और अन्य स्टाफ ने प्राचार्य कक्ष पर ताला लगा देखा। तत्काल इसकी सूचना अमरपुर पुलिस चौकी को दी गई।
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बुधवार दोपहर 12:30 बजे पुलिस टीम महाविद्यालय पहुंची। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर कटर से ताला काटा गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पुलिसिया पंचनामे और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर गोकुल ठाकुर और लक्ष्मण परमार के नाम सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि दोनों युवक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से संबद्ध हैं।
हालांकि मौके पर ताला लगाने का कोई लिखित कारण या मांग पत्र नहीं छोड़ा गया था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह कदम कॉलेज के नए भवन में शिफ्टिंग की मांग को लेकर उठाया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक लंबे समय से कॉलेज को नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले भी इन पर साप्ताहिक बाजार के दिन बिना अनुमति चक्काजाम करने और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने के आरोप लग चुके हैं।
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कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आरोपी युवक अमरपुर के स्थानीय निवासी नहीं हैं, इसके बावजूद कॉलेज की आंतरिक व्यवस्थाओं में लगातार हस्तक्षेप कर रहे हैं।
शासकीय महाविद्यालय अमरपुर के प्राचार्य संदीप सिंह ने कहा कि नए भवन की संरचनात्मक गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा समिति गठित की गई है। जब तक समिति भवन को हैंडओवर के लिए फिट नहीं बताती और अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं देती, तब तक किसी भी सूरत में स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। हम नियम और छात्रहित दोनों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं।
अमरपुर पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि प्राचार्य कक्ष खोलकर कॉलेज प्रशासन को सुपुर्द कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण जैसी धाराओं में जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा और बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रहित की मांग जायज हो सकती है, लेकिन क्या ताला जड़ना समाधान का तरीका है? पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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