Nigam Mandal 2nd List: मध्य प्रदेश में पहले चरण की राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब दूसरी सूची को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। सूत्रों की मानें तो भाजपा अब उन कद्दावर नेताओं को एडजस्ट करने की तैयारी में है, जो विधानसभा चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं, लेकिन संगठन में उनकी पकड़ आज भी बरकरार है। इस लिस्ट में क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ गुटीय समीकरणों को साधना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सिंधिया समर्थकों की दावेदारी
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को लेकर है। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, जसवंत जाटव सहित कई ऐसे चेहरे हैं जिनके नामों पर मंथन आखिरी दौर में है। पार्टी नेतृत्व सिंधिया खेमे को प्रतिनिधित्व देकर सत्ता और संगठन के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है।
हारे दिग्गजों को मिलेगा ऑक्सीजन
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव और संगठन उन पूर्व मंत्रियों और नेताओं को निगम-मंडलों में अहम जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति बना रहे हैं, जो हार के बावजूद मैदान में डटे रहे। क्योंकि इन नेताओं को आगामी चुनावों के लिए सक्रिय रखना है।
क्यों हो रही देरी?
नियुक्तियों में हो रही देरी की मुख्य वजह बीजेपी के अंदर चल रही आंतरिक कशमकश बताई जा रही है। अलग-अलग गुटों और क्षेत्रों के बीच पदों का बंटवारा करना एक पेचीदा काम साबित हो रहा है। हर नाम पर संगठन के जमीनी स्तर से लेकर दिल्ली दरबार तक फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि नियुक्ति के बाद कोई बवाल न पैदा हो।
