सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी (Katni)–:शहर के सबसे संवेदनशील इलाके में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। जिला चिकित्सालय के सामने, चौपाटी मार्ग और मुड़वारा स्टेशन रोड जैसे अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र में शुरू हुई शराब दुकान ने पूरे शहर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।अंजुमन इस्लामिया ट्रस्ट द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि जिस दुकान को न्यायाधिकरण के आदेश के तहत खाली कराया जाना था, उसी पर कब्जा बनाए रखने के लिए सुनियोजित तरीके से शराब का व्यवसाय शुरू कर दिया गया। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या यह सब प्रशासन की जानकारी के बिना संभव है?स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि यह शराब दुकान स्कूल और अस्पताल के बेहद करीब संचालित हो रही है। रोजाना यहां से गुजरने वाले सैकड़ों मरीज, महिलाएं और बच्चे अब असुरक्षा और भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इलाके में असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ रही है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है।समाजसेवी इंद्र मिश्रा ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो हालात नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं।वहीं जब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो जिला आबकारी अधिकारी ने महज “जांच” का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। इससे यह संदेह और गहरा हो रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है।और तो और, कोतवाली थाना प्रभारी राखी पाण्डेय ने भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उन्हें उच्च अधिकारियों द्वारा कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना किया गया है। अधिकारियों की यह चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।अब जनता का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द शराब दुकान को नहीं हटाया गया, तो सड़कों पर उग्र प्रदर्शन होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।कटनी में आखिर कब जागेगा प्रशासन? या फिर कानून यूं ही कागजों में दबा रहेगा?
कटनी में ‘संरक्षण’ में चल रहा शराब खेल? संवेदनशील इलाके में दुकान, अफसरों की चुप्पी सवालों में
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