भोपाल। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार दोपहर ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री निवास पहुंच गए और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार के सदस्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि प्रताड़ना और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। हालांकि इसके पहले ट्विशा के परिजनों ने महिला थाना में भी जमकर हंगामा किया था.
दोपहर से CM हाउस के बाहर डटे रहे परिजन
ट्विशा शर्मा के परिजन रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। मुख्य द्वार पर खड़े होकर उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारियों ने परिजनों से कहा कि वे अपनी शिकायत लिखित में दें, जिसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। इसके बावजूद परिवार के सदस्य आमने-सामने मुलाकात की मांग करते रहे। श्यामला हिल्स थाना पुलिस, थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे।
12 मई को फंदे पर लटकी मिली थीं ट्विशा
कटारा हिल्स के बाग मुगालिया एक्सटेंशन निवासी ट्विशा शर्मा, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह की पत्नी थीं। उनकी शादी 12 दिसंबर 2025 को हुई थी। परिजनों के अनुसार शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 12 मई 2026 की रात ट्विशा का शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद से परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल
परिजनों का कहना है कि शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है, लेकिन ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। परिवार का आरोप है कि इन चोटों की पर्याप्त जांच नहीं की गई। इसी कारण उन्हें रिपोर्ट पर संदेह है और वे विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं।
पांच दिन से AIIMS में रखा है शव
ट्विशा का शव पिछले पांच दिनों से भोपाल के एम्स में रखा हुआ है। परिजनों ने ससुराल पक्ष को शव सौंपने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
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