MP Govt Employees New Leave Rules 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के वित्त विभाग ने मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम के तहत छुट्टियों की मंजूरी से जुड़े अधिकारों का एक नया विभाजन कर दिया है। सरकार के इस कदम से सबसे ज्यादा राहत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के निचले स्तर के कर्मचारियों को मिलेगी, जिन्हें अब मामूली छुट्टियों की मंजूरी के लिए भी विभागाध्यक्ष कार्यालय या मंत्रालय की फाइलों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जिला स्तर पर ही सुलझेगा मामला
नए नियमों के अनुसार, क्लास-3 और क्लास-4 के कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर जिला स्तर पर ही विभाजित कर दी गई हैं। यदि कर्मचारी को 120 दिनों तक की छुट्टी चाहिए, तो उनके खुद के कार्यालय प्रमुख ही इसे स्वीकृत कर सकेंगे। अगर कर्मचारी को किसी विशेष परिस्थिति में 4 महीने से ज्यादा की छुट्टी की आवश्यकता होती है, तो उसे जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में आवेदन करना होगा। कलेक्टर की हरी झंडी मिलते ही लंबी छुट्टी मंजूर हो जाएगी।
कलेक्टर और HOD को मिले अधिकार
सरकार ने क्लास-2 अधिकारियों की छुट्टियों के नियमों को भी सरल बनाते हुए अधिकार सौंपे हैं। द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के 120 दिन तक के अवकाश की मंजूरी का अधिकार अब सीधे जिले के कलेक्टर के पास सुरक्षित रहेगा। यदि अधिकारी को इससे लंबी अवधि का अवकाश चाहिए, तो फाइल विभागाध्यक्ष के पास जाएगी। एचओडी की अंतिम मंजूरी के बाद ही 4 महीने से अधिक का अवकाश मिल सकेगा।
कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत?
अबतक कई विभागों में लंबी या विशेष छुट्टियों की फाइलों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते राजधानी भोपाल स्थित मुख्यालयों में भेजा जाता था। इसमें न सिर्फ समय बर्बाद होता था, बल्कि कर्मचारियों को मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ती थी। अब जिला स्तर पर ही शक्तियां मिलने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो जाएगी।


