इंदौर। सोशल मीडिया पर चर्चित ‘वायरल गर्ल’ ने खुद को बालिग साबित करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर दाखिल की है। याचिका में दावा किया गया है कि उनकी शादी को अपराध की श्रेणी में लाने के मकसद से सरकारी जन्म प्रमाण पत्र में कथित रूप से फर्जी बदलाव किए गए और उन्हें नाबालिग दिखाने की कोशिश की गई।
जन्म प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ का आरोप
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनका मूल जन्म प्रमाण पत्र बिना किसी नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के सरकारी पोर्टल से हटा दिया गया। उसकी जगह गलत जन्मतिथि दर्ज कर दी गई। उन्होंने अदालत से मूल जन्म प्रमाण पत्र बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
केरल में हुई थी मुलाकात
‘वायरल गर्ल’ की मुलाकात केरल में एक फिल्म शूटिंग के दौरान युवक से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मार्च 2026 में दोनों ने शादी कर ली। खरगोन जिले की रहने वाली युवती पिछले साल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के कारण चर्चा में आई थीं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने उठाई थी आपत्ति
मामला तब विवादों में आया, जब नेशनल कमीशन फोर शेड्यूल ट्राइब्स ने इस विवाह पर आपत्ति जताई। आयोग का दावा था कि शादी के समय लड़की की उम्र 16 वर्ष थी और विवाह के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
इसके बाद खरगोन पुलिस ने युवती के पति के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फॉर्म सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि 20 अप्रैल 2026 को केरला हाईकोर्ट ने युवक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
‘लव जिहाद’ बताकर माहौल बिगाड़ने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवती के पिता और कुछ अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर पति के खिलाफ भड़काऊ अभियान चलाया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनके निजी विवाह को ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील शब्दों से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, ताकि सामाजिक माहौल प्रभावित हो सके। उन्होंने अदालत से मामले में निष्पक्ष जांच और निजी जीवन में दखल रोकने की मांग की है।
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