भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में जिला अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि भोपाल एम्स में हुआ पहला पोस्टमॉर्टम नियमों के तहत किया गया था और मेडिकल टीम व आरोपियों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत का कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है। हालांकि अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए, जहां उसे लंबे समय तक डीकंपोज होने से बचाया जा सके।
हाईकोर्ट जाएंगे ट्विशा के परिजन
ट्विशा के परिजन अब इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख करेंगे। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रदेश के बाहर दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति देना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। न्यायाधीश अनुदिता गुप्ता की कोर्ट ने कटारा हिल्स थाना प्रभारी को शव संरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने बताई मॉर्च्युरी की तकनीकी समस्या
अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि भोपाल स्थित AIIMS की मॉर्च्युरी में केवल माइनस 4 डिग्री तापमान पर शव संरक्षित रखने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बॉडी अधिकतम 4-5 दिन तक ही सुरक्षित रह सकती है। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक शव सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान जरूरी होता है।
गिरीबाला सिंह ने भी दी सेकंड पोस्टमॉर्टम की सहमति
मामले में ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की ओर से भी अदालत में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसमें उन्होंने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने पर सहमति जताई है।
समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश होने के निर्देश
अदालत ने ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह को 23 मई को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। उधर, भोपाल पुलिस कमिश्नर Sanjay Kumar ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर घोषित इनामी राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है।
CBI जांच की तैयारी में सरकार
इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्विशा के परिजनों से मुलाकात कर मामले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने का आश्वासन दिया है। वहीं नेशनल कमीशन फोर वीमेन ने भी मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने भी CBI जांच की मांग की है।
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