भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को जिला अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। ट्विशा के परिवार की ओर से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग को लेकर दायर अलग-अलग आवेदनों पर कोर्ट ने पक्षों की दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान SIT ने कोर्ट को बताया कि 12 से 20 मई के बीच की कॉल डिटेल सुरक्षित रखने के लिए संबंधित टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भेजे जा चुके हैं। कंपनियों से जानकारी प्राप्त होते ही उसे केस डायरी में शामिल कर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
परिवार ने उठाई सबूत सुरक्षित रखने की मांग
मृतका के परिवार की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने CDR सुरक्षित रखने की अर्जी दाखिल की है। वहीं गिरिबाला सिंह की ओर से CCTV फुटेज संरक्षित रखने के लिए अलग आवेदन प्रस्तुत किया गया। अदालत में इन दोनों आवेदनों पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। भोपाल पुलिस की ओर से फिलहाल कोई अलग प्रतिवेदन पेश नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि मामला CBI को सौंपे जाने के बाद आगे की जांच केंद्रीय एजेंसी के स्तर पर आगे बढ़ेगी।
CBI ने दर्ज की नई FIR
जांच अपने हाथ में लेने के बाद CBI ने कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज मामले को री-रजिस्टर करते हुए समर्थ सिंह और गिरीबाला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। CBI की FIR में दहेज के लिए अतिरिक्त रकम मांगने के आरोपों को भी शामिल किया गया है। पुलिस जांच में करीब 20 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की बात सामने आने के बाद एजेंसी ने दहेज मृत्यु के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

फांसी में इस्तेमाल बेल्ट को लेकर उठे सवाल
मामले में उस जिमनास्टिक बेल्ट को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाने की बात कही गई थी। जानकारी के अनुसार यह बेल्ट दोनों पोस्टमॉर्टम करने वाली मेडिकल टीमों को नहीं दिखाई जा सकी।
इस पर डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने स्पष्ट किया कि बेल्ट पुलिस ने पहले ही जब्त कर ली थी। प्रारंभिक परीक्षण के बाद SIT ने उसे सुरक्षित रखा और बाद में फोरेंसिक जांच के लिए सागर स्थित एफएसएल भेज दिया गया। दिल्ली AIIMS की ओर से मांगी गई जानकारी के बाद पुलिस ने एफएसएल और साइबर सेल को भी पत्र भेजा है।
समर्थ सिंह से पूछताछ में सामने आए नए दावे
सोमवार शाम SIT की टीम बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची, जहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने घटनास्थल का सत्यापन भी कराया। पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह ने कथित तौर पर दावा किया कि ट्विशा गर्भपात के बाद मानसिक तनाव में थी। उसने यह भी कहा कि शादी के समय उसके परिवार की ओर से ट्विशा को 7 लाख रुपए दिए गए थे।
परिजनों से भी कर रही है CBI पूछताछ
मंगलवार को CBI की टीम एक बार फिर गिरिबाला सिंह के आवास पहुंची। इसके बाद टीम ने मिलिट्री एरिया में रह रहे ट्विशा के परिजनों से भी मुलाकात कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई। मामले की जांच अब पूरी तरह CBI के हाथों में है और एजेंसी सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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