प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर है, लेकिन इसका असर किसानों की मेहनत पर नहीं दिख रहा. किसान लगातार अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं और बेहतर दाम मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं. सतना कृषि उपज मंडी में भी इन दिनों खरीदी-बिक्री का काम नियमित रूप से जारी है. यहां रोजाना विभिन्न फसलों की नीलामी हो रही है और मंडी भाव किसानों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की भी दिलचस्पी का विषय बने हुए हैं. मंडी विशेषज्ञों का कहना है कि जिन फसलों के भाव मंडी में मजबूत बने रहते हैं, उनका असर खुदरा बाजार में भी देखने को मिलता है. यही कारण है कि मंडी के ताजा रेट केवल किसानों के लिए ही नहीं बल्कि आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
गुणवत्ता के आधार पर तय होते हैं फसलों के दाम
सतना कृषि उपज मंडी में सुबह से ही किसानों की आवाजाही शुरू हो जाती है. यहां गेहूं, चना, सरसों, प्याज, अलसी, मूंग और अन्य प्रमुख फसलों की बिक्री होती है. किसान अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से कीमत तय की जाती है.मंडी से जुड़े व्यापारियों के अनुसार किसी भी फसल का मूल्य उसकी गुणवत्ता, नमी की मात्रा और बाजार में मांग के आधार पर निर्धारित किया जाता है. अच्छी गुणवत्ता वाली फसल को अधिक कीमत मिलती है, जबकि सामान्य श्रेणी की उपज अपेक्षाकृत कम भाव पर बिकती है. प्रतिदिन सुबह मंडी का काम शुरू होता है और करीब साढ़े ग्यारह बजे से नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ होती है. व्यापारियों का कहना है कि नौतपा और तेज गर्मी के कारण मंडी में किसानों की संख्या कुछ कम हुई है. कई किसान सुबह जल्दी पहुंचकर अपनी उपज बेचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि तेज धूप से बचा जा सके. इसके बावजूद मंडी में कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है और खरीदारों की रुचि बनी हुई है.
जानिए प्रमुख फसलों के ताजा भाव
सतना कृषि उपज मंडी में गेहूं का भाव 2100 रुपये से 2580 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया. प्याज 3050 से 3170 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका. चना 5155 से 5735 रुपये, अरहर 4000 से 5800 रुपये, सरसों 6520 से 7380 रुपये और अलसी 8775 से 9135 रुपये प्रति क्विंटल तक रही. इसके अलावा तिल 8400 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग 6995 से 7155 रुपये, मसूर 5250 से 6580 रुपये, बटरी 2895 से 3250 रुपये, मटर 2325 से 3400 रुपये और ज्वार 2150 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
बाजार की चाल पर टिकी किसानों की नजर
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में फसलों की आवक और बाजार की मांग के अनुसार कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल मंडी में किसानों को संतोषजनक भाव मिल रहे हैं, जिससे उनमें उत्साह बना हुआ है. वहीं व्यापारी भी बेहतर गुणवत्ता वाली उपज की खरीद में रुचि दिखा रहे हैं और बाजार में कारोबार की स्थिति सकारात्मक बनी हुई है.
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