सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी— कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में लंबित प्रकरणों, अवैध कब्जों, किसानों के भुगतान, बाणसागर विस्थापितों के मुआवजे और नागरिक सेवाओं में देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया।बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय भूमि विवादों और अतिक्रमण को लेकर सामने आया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि सीमांकन के दौरान किसी भी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो आवेदन या शिकायत का इंतजार किए बिना तत्काल अलग से प्रकरण दर्ज किया जाए। इस निर्देश को जिले में बढ़ते भूमि विवादों और कब्जों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।कलेक्टर ने संबल योजना के लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन प्रमाण पत्रों के समय पर वितरण पर भी जोर दिया गया ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।बाणसागर परियोजना के तहत अब तक मुआवजे की राशि से वंचित विस्थापितों का मुद्दा भी बैठक में उठा। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को लंबित भू-अर्जन भुगतान शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।वहीं बदलते मौसम के बीच गेहूं उपार्जन और परिवहन व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क दिखाई दिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जित गेहूं का परिवहन तेज किया जाए और किसानों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने समितियों को अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए भी सतर्क रहने को कहा।पीएम किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान ई-केवाईसी, फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर बकेटिंग की प्रगति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने जिले के सभी पात्र किसानों की ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि विभाग को खाद उपलब्धता की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से ई-विकास पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया।स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मत्स्य, उद्यानिकी, आदिम जाति कल्याण और अन्य विभागों को लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।बैठक में नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, एनएचएआई, जल संसाधन, खनिज, बैंकिंग और राजस्व विभागों के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा के मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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