MP Rajya Sabha: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में इस समय पर्दे के पीछे बड़ा खेल होने के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। भले ही सार्वजनिक मंचों से भाजपा नेता फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हों, लेकिन सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, भाजपा ने कांग्रेस की इकलौती सुरक्षित सीट पर सर्जिकल स्ट्राइक करने की पूरी तैयारी कर ली है। खबर है कि भाजपा ने दो दिग्गज नेताओं के नामांकन दस्तावेज तैयार करवा लिए हैं और इन दोनों संभावित उम्मीदवारों को भोपाल तलब किया गया है। मिले इस इनपुट के बाद से ही कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग और विधायकों की बगावत का डर चरम पर पहुंच गया है।
नामों का सस्पेंस
सूत्रों की मानें तो इनमें से एक नाम मध्य प्रदेश की राजनीति का अनुभवी और पुराना चेहरा है, जबकि दूसरा नाम मालवा अंचल के इंदौर क्षेत्र से आने वाले एक युवा नेता का बताया जा रहा है। इन दोनों को भोपाल में रहने को कहा गया है ताकि आलाकमान की हरी झंडी मिलते ही विधानसभा में पर्चा दाखिल किया जा सके।
बयानों की क्रोनोलॉजी से डरी कांग्रेस
दरअसल, भाजपा के कद्दावर मंत्रियों के बयानों ने इस पूरे चुनाव को रहस्यमयी बना दिया है, जिसने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की राह मुश्किल कर दी है। सबसे पहले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खुले मंच से हुंकार भरी थी कि भाजपा हर हाल में कांग्रेस की इस सीट को छीनने का प्रयास करेगी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग मंत्री और पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने भी मीडिया के सामने कहा था कि पार्टी तीसरी सीट को लेकर पूरी तरह तैयार है और रणनीति बन चुकी है। इतना ही नही इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुस्कुराते हुए जब कहा कि तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएगी कहां? जिसके बाद से इन बयानों ने कांग्रेस को सोचने पर मजबूर कर दिया।
हो सकता है महा-उलटफेर!
संख्या बल के हिसाब से भले ही कांग्रेस के पास अपनी एक सीट के लिए 64 विधायकों का आंकड़ा है, लेकिन भाजपा के पास 48 अतिरिक्त वोट मौजूद हैं। राजनैतिक पंडितों का मानना है कि भाजपा नामांकन के अंतिम दिन और अंतिम घंटों में अपना ट्रम्प कार्ड खेल सकती है। यदि भाजपा का तीसरा उम्मीदवार मैदान में आता है, तो चुनाव निर्विरोध नहीं होगा। ऐसी स्थिति में वोटिंग होना तय है, और कांग्रेस के अंदर चल रही अंदरूनी गुटबाजी को देखते हुए असंतुष्ट विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना होगा कि सोमवार को नामांकन के अंतिम समय पर ऊंट किस करवट बैठता है।
