मध्य प्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव कर सकती है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया संकेतों के बाद राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले नई टीम का गठन किया जा सकता है. राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक सरकार कुछ मौजूदा मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर चुकी है और उसी आधार पर बदलाव की तैयारी चल रही है. खबर है कि 4 से 6 मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है, जबकि कई नए विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. इनमें दो महिला विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं.
चार पद खाली, नए चेहरों को मिल सकता है मौका
फिलहाल मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित राज्य मंत्रिमंडल में कुल 31 सदस्य हैं. विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के अनुसार मध्य प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं. यानी अभी भी चार मंत्री पद खाली हैं. माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के दौरान इन पदों को भरा जाएगा. इसके अलावा जिन मंत्रियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, उन्हें हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है. सूत्रों का दावा है कि इस विस्तार में 7 से 8 नए नेताओं को सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है.
रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगा फैसला
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन किया जा रहा है और उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि उन्होंने विभिन्न विभागों की समीक्षा कर मंत्रियों के प्रदर्शन की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कुछ मंत्रियों के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों और कमजोर प्रदर्शन के कारण उनके पद पर खतरा मंडरा रहा है. हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद ही होगा.
वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी हो सकता है बदलाव
कैबिनेट विस्तार केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं रह सकता. ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि सरकार कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंप सकती है. राजनीतिक चर्चाओं में कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह जैसे बड़े नेताओं के विभागों में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है. इससे सरकार प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक समीकरण दोनों को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है.
इन विधायकों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
संभावित कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा है. महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के उद्देश्य से रीति पाठक, अर्चना चिटनीस और मालिनी गौड़ के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. इसके अलावा सागर से विधायक प्रदीप लारिया और पन्ना से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है. वहीं सिंधिया समर्थक माने जाने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी की मंत्रिमंडल में वापसी को लेकर भी राजनीतिक अटकलें लगातार जारी हैं. हालांकि इन सभी नामों पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही होगा.
