मध्य प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इन्हीं अटकलों के बीच सीधी से भाजपा विधायक और पूर्व सांसद रीति पाठक का बयान सामने आया है. उन्होंने मंत्री बनाए जाने से जुड़ी खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें इस संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. रीति पाठक ने साफ कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर उनके मंत्री बनने को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह तथ्यहीन हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें.
पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, पूरी निष्ठा से निभाऊंगी
रीति पाठक ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी की एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और संगठन का हर निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, उसका वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगी. उनके अनुसार, फिलहाल मंत्री पद को लेकर जो चर्चाएं हो रही हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस विषय पर प्रतिक्रिया दी. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिनों से उनके नाम को लेकर भ्रामक और मनगढ़ंत खबरें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन अफवाहों से उनका कोई लेना-देना नहीं है और ऐसी खबरें केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही हैं.
पहले भी कई बार उठ चुकी हैं चर्चाएं
रीति पाठक वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सीधी सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं. इससे पहले वह इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार दो बार लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं. उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में सक्रिय भूमिका के कारण समय-समय पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चाएं सामने आती रही हैं. हालांकि इस बार खुद रीति पाठक ने सामने आकर इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक मंत्री पद को लेकर की जा रही सभी चर्चाओं का कोई आधार नहीं है. फिलहाल राज्य सरकार और भाजपा संगठन ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है. ऐसे में राजनीतिक चर्चाएं अपनी जगह जारी हैं, लेकिन रीति पाठक के ताजा बयान के बाद उनके मंत्री बनने को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है.
