भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान से चिंताजनक जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तान के नारोवाल जिले की शकरगढ़ तहसील के टेरा इलाके में नैमत स्टेडियम के पास बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक इकट्ठा किए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, इस कथित हथियारों के जखीरे में करीब 150 एम-4 राइफल, 150 एन-22 पिस्तौल, 300 एचई-36 यूनिट और लगभग 100 किलोग्राम विस्फोटक शामिल बताए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं.
ड्रोन के जरिए घुसपैठ की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, इस हथियारों की खेप का इस्तेमाल ड्रोन के जरिए भारत की सीमा तक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है. शकरगढ़ का इलाका जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है. इसी वजह से यह क्षेत्र लंबे समय से घुसपैठ और हथियारों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. जानकारी यह भी सामने आई है कि लश्कर-ए-तैयबा इस इलाके में अपने हथियारों और वित्तीय गतिविधियों का आंतरिक ऑडिट भी कर रहा है. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पहले भी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल होता रहा है यह इलाका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए शकरगढ़ क्षेत्र का पहले भी कई बार इस्तेमाल किया जाता रहा है. पिछले साल भी इसी सेक्टर में ड्रोन की गतिविधियां अधिक दर्ज की गई थीं, जिसके बाद सीमा पर निगरानी और कड़ी कर दी गई थी.
भारतीय सुरक्षा बल लगातार सीमा पर हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसके बावजूद आतंकी संगठन नए तरीकों से घुसपैठ की कोशिशों में लगे रहते हैं.
अमरनाथ यात्रा के चलते बढ़ाई गई सुरक्षा
सीमा पार से मिल रहे इनपुट को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में चल रही बाबा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत कर दी गई है. सुरक्षा बल सीमा क्षेत्रों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों और पहाड़ी इलाकों तक हर स्तर पर तैनात हैं. प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
