मध्यप्रदेश में मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक हुई, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है. राजधानी भोपाल में इस महीने अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते इस बार जुलाई में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने की संभावना कमजोर दिखाई दे रही है. यही वजह है कि मौसम विभाग भी मान रहा है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश की जरूरत के अनुसार बारिश नहीं करा पाएगा.
भोपाल में जुलाई की शुरुआत रही धीमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार भोपाल में जुलाई महीने की औसत वर्षा 367.7 मिलीमीटर मानी जाती है. हालांकि 1 जुलाई से 6 जुलाई तक केवल 53 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है. इसके बावजूद राहत की बात यह है कि 1 जून से 6 जुलाई के बीच राजधानी में कुल 286.4 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक है.
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार जुलाई के दौरान कुछ समय के लिए अच्छी बारिश के दौर बन सकते हैं, लेकिन अगस्त में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है.
इन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर और छतरपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. वहीं भोपाल, रायसेन सहित 40 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. सोमवार को पश्चिमी मध्यप्रदेश में हल्की बारिश और बौछारें देखने को मिलीं, जबकि पूर्वी हिस्सों के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई.
10 वर्षों में कई बार कमजोर रहा जुलाई का मानसून
पिछले दस साल के रिकॉर्ड बताते हैं कि भोपाल में हर साल जुलाई में अच्छी बारिश नहीं हुई है. आंकड़ों के मुताबिक बीते दस वर्षों में पांच बार ऐसा हुआ जब जुलाई महीने की औसत वर्षा का आंकड़ा भी पूरा नहीं हो सका. इससे साफ है कि जुलाई का मौसम हर साल एक जैसा नहीं रहता.
इस बार देरी से पहुंचा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण-पश्चिम मानसून जुलाई की शुरुआत तक भोपाल पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष मानसून ने 2 जुलाई को राजधानी में दस्तक दी. विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के दौरान ट्रफ लाइन उत्तर दिशा की ओर खिसकने लगती है, जिससे मानसून की सक्रियता प्रभावित होती है. ऐसे समय बारिश कम हो जाती है, तापमान बढ़ने लगता है और उमस भी लोगों को परेशान करती है. हालांकि बीच-बीच में भारी बारिश के दौर बनने की संभावना बनी रहती है.
जुलाई में ऐसा रहता है भोपाल का मौसम
भोपाल में जुलाई के दौरान औसत अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. इस दौरान वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक रहता है. सामान्य तौर पर पूरे महीने में करीब 367.7 मिलीमीटर बारिश लगभग 14 से 15 दिनों में दर्ज होती है. वहीं गरज-चमक की घटनाएं भी औसतन तीन से चार दिन देखने को मिलती हैं.
पूर्वी मध्यप्रदेश में बढ़ी चिंता
पूरे प्रदेश की बात करें तो 1 जून से 6 जुलाई तक औसतन एक प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. हालांकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, लेकिन पूर्वी मध्यप्रदेश में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. यहां सामान्य से लगभग 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं. यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती और जल संसाधनों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.
