Jyotiraditya Scindia: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को फतह करने के लिए BJP ने बड़ा दांव चला है। दतिया में पैदा हुए असंतोष और डैमेज कंट्रोल के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दतिया उपचुनाव का मुख्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। पहले कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाना और अब अंचल के सबसे प्रभावी चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया को कमान सौंपना, भाजपा के इस फैसलों ने सूबे की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
‘महल’ के भरोसे दतिया का दंगल
ग्वालियर-चंबल संभाग की राजनीति में सिंधिया परिवार का पारंपरिक और बेहद मजबूत दखल रहा है। नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद समाने आई परिस्थितियों को भांपते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने इस सीट पर किसी भी प्रकार का जोखिम न लेने का फैसला किया है। इस नियुक्ति के बाद अब दतिया में चुनावी मैनेजमेंट, बूथ प्रबंधन और प्रचार अभियान की पूरी कमान सीधे ज्योतिरादित्य सिंधिया संभालेंगे। दतिया के स्थानीय संगठन में मचे घमासान को शांत करने और नाराज कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में एकजुट करने में सिंधिया को बड़ी चुनौती साबित होगा।
भाजपा का मास्टरस्ट्रोक और सिंधिया की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्य प्रभारी बनाना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। दतिया का यह उपचुनाव अब बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल मुकाबला बन चुका है। सिंधिया की सक्रियता से न केवल भाजपा का कैडर फिर से आक्रामक मोड में आएगा, बल्कि अंचल के अन्य समीकरणों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। अब पूरे प्रदेश की राजनीति की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महाराज की यह चुनावी व्यूह रचना दतिया के इस सियासी महासंग्राम में भाजपा को कितनी बड़ी जीत दिला पाती है।
