मध्य प्रदेश के उज्जैन में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बसंत विहार क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से लैस रेप्टाइल पार्क और अनुसंधान केंद्र विकसित किया जा रहा है. गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्माणाधीन परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों से इसकी प्रगति की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने पार्क को जल्द और बेहतर तरीके से तैयार करने के निर्देश भी दिए.
कोबरा से सामना होने का सुनाया अनुभव
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने छात्र जीवन का एक रोचक और हैरान कर देने वाला अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया कि साइंस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एक बार जहरीला कोबरा अचानक उनके हाथ पर लिपट गया था. इतना ही नहीं, वह दूसरे हाथ पर डसने की कोशिश भी कर रहा था. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने घबराने के बजाय साहस दिखाया और सांप को मजबूती से पकड़कर बोरे में बंद कर दिया. बाद में पता चला कि वह बेहद जहरीला कोबरा था.
होमगार्ड जवानों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के होमगार्ड जवानों को सांप पकड़ने और सुरक्षित रेस्क्यू करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए. उनका कहना था कि कई बार रिहायशी इलाकों में सांप निकल आते हैं, जिससे लोगों में दहशत फैल जाती है. यदि प्रशिक्षित दल उपलब्ध होगा तो नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ सांपों को भी बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकेगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा रेप्टाइल पार्क
निर्माणाधीन रेप्टाइल पार्क में आगंतुकों के लिए आधुनिक विजिटर जोन, विभिन्न प्रजातियों के सांपों और अन्य सरीसृपों की प्रदर्शनी, रिसर्च सेंटर, एजुकेशन सेंटर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, चिकित्सालय, पोस्टमार्टम कक्ष, जनसुविधा केंद्र और अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा यहां स्नेक पार्क भी बनाया जाएगा, जहां लोग सर्पों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.
वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता पर रहेगा फोकस
इस परियोजना का उद्देश्य केवल सांपों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लोगों में उनके प्रति फैली गलत धारणाओं को दूर करना भी है. यहां आने वाले बच्चों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को सरीसृपों के वैज्ञानिक अध्ययन का अवसर मिलेगा. साथ ही लोगों को यह समझाया जाएगा कि अधिकांश सांप पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. रेस्क्यू सेंटर में घायल और संकटग्रस्त सर्पों का उपचार और पुनर्वास भी किया जाएगा, जिससे वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी.
