खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी-– रामलीला मैदान, घंटाघर में आयोजित लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी की जनसभा रविवार को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गई। सभा में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। किसानों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, बेरोजगारी और कटनी मेडिकल कॉलेज जैसे मुद्दे पूरे कार्यक्रम के केंद्र में रहे।”जनता के सवालों से भाग रही सरकार” — संजय सिंहसभा को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को फसल का दोगुना मूल्य, गरीबों को पक्का मकान और युवाओं को रोजगार देने जैसे वादे अब तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे जनहित के मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है और जनता जवाब चाहती है।शिक्षा और पेपर लीक का मुद्दा गरमायासंजय सिंह ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई सरकारी स्कूल अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेराउन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और आर्थिक नीतियों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि आम जनता लगातार आर्थिक दबाव झेल रही है, जबकि सरकार मूल समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही।कटनी मेडिकल कॉलेज पर रघु ठाकुर के सवालसमाजवादी नेता रघु ठाकुर ने कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी मेडिकल कॉलेज के वादे के बावजूद अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने पूछा कि यदि सरकारी संस्थान भी निजी भागीदारी से चलेंगे, तो आम नागरिकों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ कैसे मिलेंगी।रघु ठाकुर ने सरकार से मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत राशि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि कटनी को उसके हिस्से की सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।लोकतांत्रिक संघर्ष का आह्वानसभा के अंत में वक्ताओं ने किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की। जनसभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही, जिससे विपक्ष ने इसे जनसमर्थन का संकेत बताया।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट
