भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश संगठन के कामकाज का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए कई अहम फैसलों पर मंथन हुआ।
सूत्रों के अनुसार, संगठन को अधिक सक्रिय और चुनावी दृष्टि से मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया। इसी समीक्षा के आधार पर कुछ पदाधिकारियों की जिम्मेदारी बदलने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।
तीन श्रेणियों में किया गया मूल्यांकन
बैठक में प्रदेश के जिला अध्यक्षों को उनके संगठनात्मक प्रदर्शन के आधार पर A, B और C श्रेणियों में रखा गया। बेहतर कार्य करने वाले पांच जिलाध्यक्षों को A कैटेगरी में स्थान मिला है। वहीं B कैटेगरी में 45 जिलाध्यक्षों को रखा गया, जिनमें से छह जिलाध्यक्षों को बदलने पर सहमति बनने की चर्चा है। इसके अलावा C कैटेगरी में शामिल 15 जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन की अगली समीक्षा बैठक में विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
इन जिलों के अध्यक्षों पर कार्रवाई की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, जिन जिलों के कांग्रेस अध्यक्षों की जिम्मेदारी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है, उनमें डिंडोरी, सिंगरौली, रायसेन, ग्वालियर ग्रामीण, अलीराजपुर और आगर मालवा शामिल हैं। इन जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों और अपेक्षित प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
नए चेहरों को संगठन में मिल सकती है जगह
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि फिलहाल छह जिलाध्यक्षों को हटाने पर सहमति बनी है, जबकि शेष जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन की समीक्षा अगली बैठक में होगी। माना जा रहा है कि आगामी बैठकों के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में और भी व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है। पार्टी नेतृत्व संगठन को अधिक प्रभावी, सक्रिय और चुनावी रणनीति के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से प्रदर्शन आधारित बदलाव की नीति पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कई नए चेहरों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है।
