Tuesday, November 3, 2026
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MP Electricity Bill: मध्यप्रदेश में अगस्त से बढ़कर आएगा बिजली बिल… 6 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ

सरचार्ज भी हुआ महंगा

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त से बढ़े हुए बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। घरेलू से लेकर व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उन उपभोक्ताओं के बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ने वाली है, जिनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) निर्धारित सीमा से कम पाई गई है। बिजली कंपनी ने वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के पिछले 12 महीनों की बिजली खपत के आधार पर सिक्योरिटी डिपॉजिट की वार्षिक समीक्षा की है। समीक्षा में जिन उपभोक्ताओं की जमा सुरक्षा निधि निर्धारित राशि से कम मिली है, उनसे इस अंतर की रकम तीन समान किस्तों में वसूली जाएगी। यह राशि जुलाई, अगस्त और सितंबर के बिजली बिलों में अलग-अलग किस्त के रूप में जोड़ी जाएगी।

बिजली बिल में सरचार्ज का भी बढ़ा बोझ
उपभोक्ताओं पर सिर्फ सिक्योरिटी डिपॉजिट की अतिरिक्त राशि का असर नहीं पड़ेगा, बल्कि बिजली कंपनियों ने फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FCA-FPPA) सरचार्ज में भी बढ़ोतरी की है। पहले उपभोक्ताओं से 1.11 प्रतिशत सरचार्ज लिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर अब 3.77 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी सरचार्ज में करीब 2.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बिजली की खपत ज्यादा होने पर बिल में जुड़ने वाली सरचार्ज की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ सकती है।

6 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की SD कम मिली
भोपाल बिजली कंपनी की ओर से की गई वार्षिक समीक्षा में 6 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी डिपॉजिट निर्धारित राशि से कम पाई गई है। ऐसे उपभोक्ताओं से अब निर्धारित जमा राशि और मौजूदा SD के बीच का अंतर तीन किस्तों में लिया जाएगा।इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन पर भी पड़ सकता है।

300 यूनिट खपत पर करीब 65 रुपये अतिरिक्त
बिजली की खपत के हिसाब से सरचार्ज की राशि भी अलग-अलग होगी। उदाहरण के तौर पर 300 यूनिट बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ता के बिल में करीब 65 रुपये तक अतिरिक्त सरचार्ज जुड़ सकता है। जिन उपभोक्ताओं की खपत इससे अधिक है, उनके बिल में यह राशि भी बढ़ सकती है।पिछले 12 महीने की खपत से तय होती है सिक्योरिटी डिपॉजिट

बिजली कंपनी करती है समीक्षा
बिजली कंपनी हर साल उपभोक्ता की सिक्योरिटी डिपॉजिट की समीक्षा करती है। इसके लिए पिछले 12 महीनों में हुई बिजली की अधिकतम खपत को आधार बनाया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता की बिजली खपत बढ़ जाती है तो उसके कनेक्शन के लिए निर्धारित सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि भी बढ़ सकती है।यदि पहले जमा की गई सुरक्षा निधि नई निर्धारित राशि से कम होती है तो बिजली कंपनी उस अंतर की रकम उपभोक्ता से वसूल करती है।

क्या है सिक्योरिटी डिपॉजिट?
सिक्योरिटी डिपॉजिट को किसी तरह का जुर्माना या अतिरिक्त शुल्क नहीं माना जाता। यह उपभोक्ता की ओर से बिजली कंपनी के पास जमा की जाने वाली सुरक्षा राशि होती है। बिजली की खपत के आधार पर निर्धारित सीमा में बदलाव होने पर उपभोक्ता की जमा राशि में भी अंतर आ सकता है। ऐसे में अगस्त से बढ़े हुए बिजली बिल आने पर उपभोक्ताओं को अपने बिल में FCA-FPPA सरचार्ज और सिक्योरिटी डिपॉजिट की अतिरिक्त किस्त दोनों की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी।

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