इंदौर/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर में जमीनों पर कथित कब्जे, निर्माण कार्यों और दूषित पानी से जुड़े मामलों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। रविवार को इंदौर पहुंचे सिंघार ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में प्रभावशाली भाजपा नेताओं से जुड़े लोगों के मामलों में प्रशासन सख्ती नहीं दिखा रहा है।
रेवती रेंज की पहाड़ी पर आशा हॉल?
सिंघार ने रेवती रेंज की पहाड़ी पर बने आशा हॉल को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सार्वजनिक महत्व वाले क्षेत्रों में होने वाले निर्माण को लेकर सरकार और प्रशासन को नियमों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर से उज्जैन तक भूमाफिया का प्रभाव है और रसूखदार लोगों से जुड़े मामलों में कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
आशा हॉल के निर्माण पर विपक्ष के सवाल
रेवती रेंज में निर्मित आशा हॉल का उद्घाटन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पत्नी आशा विजयवर्गीय के जन्मदिन के मौके पर किया गया था। कार्यक्रम में आशा विजयवर्गीय ने हॉल का फीता काटकर लोकार्पण किया था। अब इसी निर्माण को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं।
प्रशासन से मांगा स्पष्टीकरण
उमंग सिंघार ने कहा कि रेवती रेंज और पितृ पर्वत जैसे स्थानों पर किए गए निर्माण को लेकर प्रशासन को सार्वजनिक तौर पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि निर्माण सभी निर्धारित नियमों और अनुमतियों के तहत किए गए हैं तो सरकार को इसकी जानकारी सामने रखनी चाहिए। वहीं, अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
पितृ पर्वत के निर्माण को लेकर भी सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने पितृ पर्वत पर बने कथित रेस्ट हाउस और प्रस्तावित हॉस्टल निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि करीब एक हजार बटुकों के ठहरने की क्षमता वाले हॉस्टल की योजना को लेकर शासन की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सिंघार ने इन निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में नियमों और अनुमति से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दूषित पानी से हुई मौतों पर सरकार को घेरा
इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के मामले को लेकर भी उमंग सिंघार ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि लापरवाही के लिए अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिन इलाकों में यह समस्या सामने आई वहां के जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। सिंघार ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि दूषित पानी की स्थिति क्यों बनी, लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
शक्कर की कीमतों पर कैलाश विजयवर्गीय पर तंज
उमंग सिंघार ने शकर को लेकर कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर भी कटाक्ष किया। विजयवर्गीय के यह कहने पर कि वह शकर नहीं खाते, सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि यदि मंत्री शकर का सेवन नहीं करते हैं तो उन्हें कम से कम यह बताना चाहिए कि आम लोगों को सस्ती शकर कब उपलब्ध होगी।
युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
सिंघार ने प्रदेश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों और युवाओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। युवाओं के बढ़ते आक्रोश का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्रों की तुलना भगवान हनुमान से की और कहा कि जब युवाओं में आक्रोश पैदा होता है तो उसका प्रभाव व्यापक हो सकता है।
स्नेह बंधन कार्यक्रम में हुए शामिल
इंदौर दौरे के दौरान उमंग सिंघार स्नेह बंधन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी ने उन्हें राखी बांधी। इस दौरान सिंघार ने संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों के साथ प्रदेश सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा।इंदौर में जमीनों, कथित अवैध निर्माण, पितृ पर्वत, दूषित पानी और शकर की कीमतों जैसे मुद्दों को लेकर उमंग सिंघार के बयानों से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अब इन आरोपों पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और स्थानीय प्रशासन की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
