उज्जैन/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर समाधान का सुझाव दिया है। उमा भारती ने कहा कि विकास कार्य अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार से ऐसा रास्ता तलाशने की अपील की है, जिसमें सड़क विकास का काम प्रभावित न हो और मंदिर को भी किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
CM मोहन यादव को लिखा पत्र
उमा भारती ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में खड़े हनुमान मंदिर से जुड़े मामले का शांतिपूर्ण और व्यावहारिक समाधान निकालने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विकास और आस्था के बीच टकराव की स्थिति पैदा करने के बजाय दोनों के बीच संतुलन बनाकर रास्ता निकाला जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्रशासन को तकनीकी और व्यावहारिक विकल्पों पर विचार करना चाहिए, ताकि सड़क चौड़ीकरण समेत प्रस्तावित विकास कार्य भी आगे बढ़ें और धार्मिक स्थल की गरिमा भी बनी रहे।
भोपाल की मस्जिद का दिया उदाहरण
उमा भारती ने अपने पत्र में भोपाल में सड़क चौड़ीकरण के दौरान निकाले गए एक समाधान का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि वहां सड़क निर्माण की योजना में बदलाव करते हुए मस्जिद को बिना नुकसान पहुंचाए रास्ता निकाला गया था।इसी उदाहरण के आधार पर उन्होंने उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर के लिए भी वैकल्पिक तकनीकी समाधान तलाशने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि यदि योजना में जरूरी बदलाव किए जाएं तो मंदिर को प्रभावित किए बिना सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा किया जा सकता है।
Mohan Yadav’s action: जहरीली शराब पिलाने वालों पर चला ‘मोहन’ का बुलडोजर… 5 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई
सिंहस्थ की तैयारियों के बीच मंदिर पर बढ़ी चर्चा
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए बड़े स्तर पर विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित योजना के बीच खड़े हनुमान मंदिर और वहां स्थापित प्रतिमा को लेकर चर्चा तेज हुई है। सोशल मीडिया पर मंदिर और प्रतिमा को हटाए जाने की संभावनाओं से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता बढ़ी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उमा भारती का पत्र बेहद खास
ऐसे में उमा भारती का मुख्यमंत्री को लिखा पत्र इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन सड़क चौड़ीकरण की योजना और मंदिर की धार्मिक महत्ता के बीच किस तरह का समाधान निकालता है। जिस पर स्थानीय जनता की आस्था जमकर उमड़ रही है।
Special News: लाड़लियों के बाद Gen-Z लाड़लों हो जाओ तैयार… ऐसी रील बनाओ और पाओ पूरे 1 लाख रुपये
