किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना ने उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों की मदद तो की, लेकिन समय पर भुगतान न हो पाने के कारण डिफॉल्ट करने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई. यह स्थिति बैंकों के साथ-साथ शासन के लिए भी बड़ी सिरदर्दी बन गई थी. दरअसल, नाबार्ड द्वारा मिलने वाले लोन पर 11 से 11.50 प्रतिशत तक का भारी-भरकम ब्याज लगता था, जिसे चुका पाना कई छोटे किसानों के लिए मुश्किल हो रहा था. इसी समस्या का स्थायी हल निकालने और किसानों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ तैयार की है.
6 लाख रुपये तक का लोन और 5 फीसदी की ब्याज सब्सिडी
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को काफी सस्ती दरों पर दीर्घकालिक कर्ज मिल सकेगा. योजना के अंतर्गत किसानों को 6 लाख रुपये तक का लोन केवल 6 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर दिया जाएगा. वास्तव में राज्य सरकार ब्याज दर पर 5 फीसदी का अनुदान (सब्सिडी) खुद वहन करेगी. हालांकि, इस सरकारी अनुदान का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो तय समयसीमा के अंदर अपनी किश्तें ईमानदारी से जमा करते रहेंगे.
योजना की पात्रता और मुख्य उद्देश्य
‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ का फायदा उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है. इसके साथ ही किसान के नाम पर खेती योग्य जमीन और उससे जुड़े पूरे सरकारी दस्तावेज होने चाहिए. सरकार का मानना है कि इतनी कम ब्याज दर पर कर्ज मिलने से किसान बार-बार कर्जमाफी की उम्मीद लगाने की मानसिकता से बाहर निकलेंगे. इससे वे खेती में लंबे समय के लिए पूंजी निवेश करने और खुद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित होंगे.
15 सितंबर की कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी
यह पूरी योजना उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से लागू की जाएगी. इसके तहत किसानों को 5 साल या उससे अधिक अवधि के लिए दीर्घकालिक कर्ज की सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2025 में इस योजना का ऐलान किया था, जिसके बाद 15 सितंबर 2026 को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है.
