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एनसीवीईटी से टाटा पावर को मान्यता, हरित ऊर्जा स्किलिंग को मिलेगा नया आयाम

— ग्रीन एनर्जी सेक्टर में युवाओं को दक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कदम, टाटा पावर अब प्रमाणन और मूल्यांकन के लिए अधिकृत —

मुंबई। देश की अग्रणी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर को ग्रीन एनर्जी स्किलिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) से दोहरी पुरस्कार देने वाली संस्था (एबी-ड्यूअल) के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है।

यह मान्यता टाटा पावर की कौशल विकास इकाई टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (TPSDI) को प्रशिक्षित युवाओं के कौशल का मूल्यांकन, प्रमाणन और पुरस्कार देने का अधिकार देती है। TPSDI देशभर में युवाओं को स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है।

इस साझेदारी पर समझौता टाटा पावर के श्री आलोक प्रसाद (प्रमुख – TPSDI) और एनसीवीईटी के निदेशक कर्नल गुंजन चौधरी के बीच हुआ। इस अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव और एनसीवीईटी के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार तिवारी तथा टाटा पावर के ग्रुप एचआर प्रमुख और सीएसआर हेड श्री हिमाल तिवारी भी मौजूद रहे।

हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम
यह मान्यता स्किल इंडिया मिशन और बिजली क्षेत्र में कौशल की खाई को पाटने के टाटा पावर के निरंतर प्रयासों के अनुरूप है। अब TPSDI रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, और पंप हाइड्रो जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें प्रमाणित कर सकेगी।

टाटा पावर ने कहा है कि वह अपने प्रशिक्षण केंद्रों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी, ताकि देशभर में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को उद्योग-केंद्रित स्किलिंग कार्यक्रमों तक पहुंच मिल सके।

अब तक 3 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दे चुके TPSDI को अब यह अधिकार भी मिल गया है कि वह अपने परिसरों में उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान कर सके। इससे प्रमाणित पेशेवरों की रोजगार क्षमता और विश्वसनीयता में बड़ा इज़ाफा होगा।

हरित भविष्य के लिए कुशल कार्यबल
इस अवसर पर श्री हिमाल तिवारी ने कहा,

“एनसीवीईटी की मान्यता टाटा पावर की उस यात्रा में मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य भारत को हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाना है। हमारे 11 प्रशिक्षण केंद्र अब स्वीकृत योग्यताओं के आधार पर प्रमाणन देने को तैयार हैं।”

टाटा पावर अब सौर और पवन ऊर्जा, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और अन्य वहनीय ऊर्जा समाधानों से जुड़े क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगी। यह पहल सिर्फ युवाओं को दक्ष बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में टाटा पावर की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है।

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