MP Nigam Mandal Update: मध्य प्रदेश के निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में होने वाली नियुक्तियों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जो सूचियां अप्रैल के अंत तक आने वाली थीं, अब उनके लिए कार्यकर्ताओं को थोड़ा और इंतज़ार करना होगा। शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में हुई हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि नियुक्तियों का मामला फिलहाल एक महीने के लिए टल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संकेत दिए हैं कि अब नियुक्तियां किस्तों में नहीं बल्कि एक साथ की जाएंगी।
क्या है नई ‘प्लानिंग’?
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा अब एक नई रणनीति पर काम कर रही है। अब तक केवल अध्यक्षों के नाम घोषित करने की तैयारी थी, लेकिन अब सरकार और संगठन ने तय किया है कि अध्यक्ष के साथ-साथ उपाध्यक्ष और 4 से 5 सदस्यों के नाम भी एक ही सूची में जारी होंगे। इसका उद्देश्य यह है कि आयोग और निगमों में काम की प्रक्रिया तुरंत और पूरी क्षमता के साथ शुरू हो सके। सभी वर्गों और अंचलों को प्रतिनिधित्व देने के लिए सदस्यों के चयन में सावधानी बरती जा रही है, जिसके लिए थोड़ा अतिरिक्त समय लिया जा रहा है।
भोपाल से दिल्ली तक की दौड़
भले ही सूची जारी होने में वक्त लग रहा हो, लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अध्यक्ष पद के लिए भोपाल से नामों का फाइनल पैनल दिल्ली भेजा जा चुका है, जहां केंद्रीय नेतृत्व से सहमति मिल गई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अब अलग-अलग जिलों से उपाध्यक्ष और सदस्यों के लिए नाम जुटा रहे हैं। प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों से योग्य कार्यकर्ताओं की सूची जल्द से जल्द आलाकमान को सौंपें।
मई में मनेगी राजनीतिक दिवाली
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में सक्रिय रहने को कहा है। वर्तमान संकेतों के अनुसार, मई के महीने में निगम-मंडलों में नियुक्तियों का बड़ा धमाका हो सकता है। भाजपा की कोशिश है कि इस बार केवल प्रभावशाली चेहरों को ही नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी इन नियुक्तियों में जगह मिले।


