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Friday, April 17, 2026
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कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ अभियान: राहुल गांधी का राष्ट्रव्यापी आंदोलन 14 अगस्त से शुरू

वोट चोरी महा अभियान पर कांग्रेस का प्रेस कॉन्फ्रेंस

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आज पीसीसी कार्यालय भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी सरकार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जमकर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि देश की जनता के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।कांग्रेस के महासचिव हरिश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के हर नागरिक को जो संवैधानिक अधिकार मिला है, उसका आज हनन हो रहा है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार ने सीधा प्रहार किया है। प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की कमेटी चुनाव आयोग का चयन करती थी, लेकिन जिस दिन प्रधानमंत्री और अमित शाह इसमें घुस गए थे, उसी दिन समझ आ गया था कि निष्पक्षता पर आंच आएगी।

राहुल गांधी जी ने साफ-सुथरी वोटर लिस्ट की मांग की है। क्या देश का नागरिक इसका हक नहीं रखता? भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया के प्रचार में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं, लेकिन डिजिटल सर्चेबल वोटर लिस्ट से कोई भी व्यक्ति अपना नाम खोज सके, यह उसका संवैधानिक अधिकार है।

दूसरी मांग यह है कि बूथ की सीसीटीवी फुटेज को 15 दिन में डिलीट करना बंद किया जाए। भारत सरकार और चुनाव आयोग की यह नीति उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। वोटिंग मशीन और मतदाता सूची का पारदर्शी ऑडिट कराने से चुनाव आयोग क्यों डर रहा है?

2018 के विधानसभा चुनाव में हमने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि लगभग 43 लाख नाम गलत थे। बिना स्पष्ट वोटर लिस्ट के सही चुनाव संभव नहीं है। इलेक्शन कमीशन सुप्रीम कोर्ट को पूर्व में डिलीट किए गए डेटा को साझा करने से मना कर रहा है। बिहार में 65 लाख नाम डिलीट किए गए हैं और जब जानकारी मांगी जाती है तो आयोग कहता है कि न सुप्रीम कोर्ट और न आपको जानकारी देंगे। यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति की है जो लोकतंत्र में विश्वास रखता है।

जिस दिन चुनाव का ऐलान हो, उसी दिन वोटर लिस्ट फ्रीज़ होनी चाहिए, ताकि लोग स्पष्ट रूप से देख सकें और जानकारी सार्वजनिक रहे।

इलेक्शन कमीशन कहता है कि वोट आपका है और वोट देना आपका अधिकार है, लेकिन बीजेपी का नारा है — फर्जी वोट हमारा है और फर्जी जनादेश की सरकार हमारी है।

नियम 32 (1960) के तहत रिकॉर्ड 3 साल तक रखा जाना चाहिए, लेकिन 2 महीने में डेटा डिलीट किया जा रहा है, जो सीधा नियम उल्लंघन है। इन मुद्दों को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

इलेक्शन कमीशन भाजपा की कठपुतली बनकर रह गया है। राहुल गांधी जी ने वोट चोरी के खिलाफ यह लड़ाई पूरे देश में शुरू की है। यह किसी पार्टी की नहीं, बल्कि आम जनता की लड़ाई है।वोटर अपना नाम देख सकता है, लेकिन पूरी वोटर लिस्ट नहीं देख सकता।

कार्यक्रम घोषणा:

14 अगस्त से — चोर चोर गद्दी छोड़ कैंडल लाइट मार्च (ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर पर)

22 अगस्त से 07 सितंबर — विशाल वोट चोर गद्दी छोड़ रैली

15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2025 — राष्ट्रव्यापी वोट चोर गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान (5 करोड़ से अधिक लोगों का लक्ष्य)

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