* कटनी(सौरभ श्रीवास्तव) – सूत्रों के अनुसार संसारपुर गांव में 21 अगस्त की रात शराब माफिया मंचू असाटी और उसके गुर्गों पर आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इस घटना में पाँच लोग घायल हुए, पुलिस ने FIR दर्ज की, शराब और वाहन भी जब्त किए।लेकिन हैरानी की बात यह है कि पाँच दिन बीतने के बाद भी गिरफ्तारी शून्य है। सवाल उठता है—क्या यह पुलिस की नाकामी है या मिलीभगत?ग्रामीणों का कहना है कि मंचू असाटी के राजनीति और पुलिस दोनों से गहरे रिश्ते हैं। यही वजह है कि हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।जब जिले में मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री मौजूद थे और उसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो यह साफ दिखाता है कि पुलिस की सख्ती सिर्फ कमजोरों पर है, रसूखदारों पर नहीं।यह मामला सिर्फ मंचू असाटी का नहीं, बल्कि उस प्रणाली का आईना है जहाँ शराब माफिया, पुलिस और नेताओं का गठजोड़ जनता की जान से खेलता है।ग्रामीणों का सवाल वाजिब है— “जब उसकी शराब दुकानें बिना रोक-टोक चल सकती हैं, तो गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती?”कटनी पुलिस के सामने अब बड़ा सवाल है कि वह जनता के प्रति जवाबदेह है या अपने आकाओं की गुलाम। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लेना होगा कि कानून सिर्फ किताबों तक सीमित है और असल जिंदगी में सत्ता व पैसों का ही राज चलता है। यह घटना कटनी पुलिस की वर्दी पर हमेशा दाग बनकर रहेगी। अब देखना यह होगा की कटनी पुलिस अधीक्षक इस मामले क्या एक्शन लेते है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडा बस्ती में डाल दिया जाएगा क्या गरीब ग्रामीणों को न्याय मिल पाएगा
कटनी पुलिस पर मंचू आसाटी शराब ठेकेदार से मिलीभगत के गंभीर आरोप पाँच दिन बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
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