भिंड/राघवेंद्र सिंह/खबर डिजिटल। भिंड जिले के सरस्वती रामानंद आश्रम (पुरानी गढ़िया) के महामंडलेश्वर डॉ. मोहनानंद सरस्वती ने जगद्गुरु उपाधि से अलंकृत संत रामभद्राचार्य द्वारा संत प्रेमानंद महाराज को लेकर की गई टिप्पणी को दुर्भावनापूर्ण करार दिया है।
महामंडलेश्वर मोहनानंद सरस्वती ने कहा कि आज के समय में संतों को समाज में सद्भावना और मार्गदर्शन का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, न कि दोषपूर्ण वक्तव्य देना। उन्होंने कहा – “कभी-कभी ज्ञानी भी विस्मृति के कारण गलत बातें कह बैठते हैं। रामभद्राचार्य जी की यह टिप्पणी ऐसी ही भूल है। उन्हें अपनी भूल स्वीकार करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज संत समाज में अत्यंत सादगीपूर्ण जीवन और भजन-भक्ति के प्रतीक हैं। करोड़ों लोगों को धर्म का मार्ग दिखाने वाले ऐसे श्रेष्ठ संत के प्रति अनुचित वाणी का प्रयोग समाज में मतभेद और वेमनस्यता को बढ़ावा देगा।
महामंडलेश्वर मोहनानंद सरस्वती ने सभी संतों से अपील की कि वे अपनी वाणी में संयम रखें और समाज में आपसी सद्भावना व प्रेम बनाए रखें।


