कटनी ✍️/सौरभ श्रीवास्तव /शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है। बिना डिग्री और बिना रजिस्ट्रेशन के इलाज करने वाले ये तथाकथित डॉक्टर गरीब और मासूम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।कहीं ऐसे लोग हैं जिनके पास होम्योपैथी या आयुर्वेद की डिग्री है, लेकिन वे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एलोपैथी दवाइयों का प्रयोग कर रहे हैं। गलत दवा और इंजेक्शन से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं करते। सवाल उठता है कि क्या विभाग की अनदेखी है या फिर सांठगांठ के चलते इनका कारोबार फल-फूल रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि Clinical Establishment Act और Indian Medical Council Act के तहत बिना मान्यता प्राप्त डिग्री इलाज करना अपराध है, लेकिन इसके बावजूद कटनी में खुलेआम यह धंधा चल रहा है।सूत्रों के अनुसार जानकारी लग रही की झोलाछाप डॉक्टर के ऊपर जिले के स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियो का खुला संरक्षण है क्यों झोला छाप डॉक्टर गांव शहर गली मोहल्ले मे बैठे झोला छाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग मे बैठे जिम्मेदार अधिकारियो को महीना बंदी मोटा लाभ पंहुचाते है जिस्से इन पर जिम्मेदार अधिकारियो का चाबुक इन पर नहीं चलता और अधिकारी इन पर मेहरवान रहते हैग्रामीण और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल कार्रवाई करते हुए इन झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसी जाए और गरीबों की जिंदगी बचाई जाए।
कटनी में झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला, गलत इलाज से हो रही मासूमों की मौत – स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
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