भोपाल/ खबर डिजिटल/ भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में प्रथम वर्ष की Nursing Student Death ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। नर्सिंग छात्रा की मृत्यु का कारण अस्पताल प्रशासन और प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव की गंभीर लापरवाही बताई जा रही है। नर्सिंग छात्रों और NSUI कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में BMHRC परिसर में धरना प्रदर्श किया।
NSUI जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर आरोप लगाया कि हॉस्टल के खराब खाने और दूषित पानी की वजह से छात्र की तबीयत खराब हुई थी छात्रा की तबियत खराब होने के बावजूद उसे क्लिनिकल ड्यूटी करने के लिए बाध्य किया गया जब उसकी हालत गंभीर हो गई तब भी उचित इलाज करने की बजाय उसे छुट्टी देकर घर भेज दिया गया प्रशासन की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली ने एक होनहार छात्रा की जान ले ली।
यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक: CM मोहन यादव का बड़ा फैसला – Khabar Digital
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के संचालन में हो रही अनियमितताओं की जिम्मेदार प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव हैं। उनके कार्यकाल में BMHRC, जो भोपाल का सबसे पुराना और बड़ा अस्पताल है, अपनी सेवाओं को लेकर वेंटिलेटर पर आ गया है जहाँ उन्हें अस्पताल की व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए, वहीं उनका झुकाव अस्पताल के टेंडरों और उनके पुत्र द्वारा संचालित निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रचार-प्रसार पर अधिक है।
यह भी पढ़ें –अभी अभी: बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बढ़ी हलचल, शिवराज के साथ बंद कमरे में हुई चर्चा – Khabar Digital
NSUI की प्रमुख मांगें:
- BMHRC की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव को तत्काल पद से हटाया जाए।
- छात्रा की मौत की उच्च-स्तरीय व निष्पक्ष जांच की जाए।
- दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए और छात्रा के परिजनों को उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए।
- नर्सिंग छात्रों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्य-सुविधाओं से युक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
रवि परमार ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार और संबंधित प्राधिकरण तत्काल प्रभाव से कार्रवाई नहीं करते, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें-धार-मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 2 की मौत, 15 से ज्यादा घायल – Khabar Digital


