रीवा/ अरविन्द तिवारी/ खबर डिजिटल/ धरती की कोख छलनी कर कमाई में जुटे खनिज के सौदागर.. पत्थर तोड़ाई के हैवी ब्लास्टिंग से डरे महेवा गांव के ग्रामीण..पर्यावरण और आम जनमानस के लिए मुसीबत बने क्रेशर संचालक..थाली बजाकर ग्रामीणों ने लगाई गुहार..हेलमेट लगाकर खुले आंगन में बैठते है ग्रामीण.. त्योंथर जनपद पंचायत के शंकरपुर महेवा गांव का मामला…
डर के साए में जी रहा MP का यह गांव!
रीवा जिले के त्योंथर जनपद अंतर्गत शंकरपुर महेवा गांव के लोग इन दिनों डर के साए में जी रहे हैं ऐसा इसलिए क्योंकि क्षेत्र में क्रेशर मशीन पर्यावरण की धज्जियां तो उड़ा ही रही है इन क्रेशर मशीनों से निकलने वाला धुआं क्षेत्र के निवासरत लोगों को धूल के रूप में भी दूषित सांस लेने में मजबूर कर रहे है । साथ में क्रेशर के आसपास के इलाकों में होने वाली पत्थर तोड़ने वाली ब्लास्टिंग लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है पहले खतरा ब्लास्टिंग से फुटकर आने वाला पत्थर लोगों के घरों में गिर रहे हैं इतना ही नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में लंबी-लंबी दरारें आ गई हैं कच्चे मकान गिर रहे हैं।
लोग बताते हैं कि इसका प्रभाव न केवल इंसानों में बल्कि पशुओं तक में पहुंच रहा है अचानक से तेजी से होने वाले ब्लास्टिंग से पशु भी डर रहे हैं। लोग अगर खाना भी खा रहे हैं तो ब्लास्टिंग के कारण छत का हिस्सा खाने में गिर जाता है। कहां जाए तो लोग त्राहिमाम कर रहे हैं लगातार हो रहे प्रदूषण ब्लास्टिंग से बचने के लिए अब इस क्षेत्र के लोग घर से बाहर हेलमेट पहनकर निकल रहे हैं लोगों का कहना है की डर इस बात का है कि कभी भी कोई भी पत्थर टूट कर सर पर गिर सकता है और कोई दुर्घटना हो सकती है।
हैवी ब्लास्टिंग से गांव छोड़ने को मजबूर ग्रामीण
यहां के लोग हेलमेट पहन रहे हैं साथ में बच्चे भी अगर घर में बाहर पढ़ते हैं तो सर में हेलमेट लगाकर ही पढ़ रहे स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं और विरोध के लिए घरों से थालियां बजा रहे हैं साथ में प्रशासन को जगाने की कोशिश कर रहे हैं लोगों का कहना है कि जिस तरह कोरोना के समय में ताली बजाकर हमने उसे भगाया था उसी तरह गांव के लोगों के लिए इस समस्या स्टोन क्रेशर के रूप में जिसको भगाने के लिए यह उपाय किया जा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई कार्यवाही नहीं होती तो 6 माह बाद गांव ही छोड़ देंगे वही पूरे मामले में जनपद पंचायत सीईओ प्रवीण बंसोड का कहना है कि अभी इस मामले की कोई जानकारी नहीं है जानकारी मिली है इसकी जांच कराएंगे जांच में जो भी बातें सिद्ध होगी उन पर कार्यवाही की जाएगी अब देखने वाले बात यह होगी की कितनी कार्यवाही जमीन पर हो पाती है या फिर कागजों पर रहजाती है.
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