मुंबई। देश के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और फाइनेंस प्रोफेशनल्स अब सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि बड़ी संख्या में वे अपना खुद का कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे हैं। एसीसीए (एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स) की ग्लोबल टैलेंट ट्रेंड्स सर्वे 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, 63% भारतीय एकाउंटेंट्स का सपना है कि वे भविष्य में उद्यमी बनें।
इस सर्वे में दुनिया भर के 175 देशों से 10,000 से ज्यादा प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया, जिनमें से भारत की रिपोर्ट खासतौर पर कई बदलते ट्रेंड्स और चिंताओं को उजागर करती है।
🔹 करियर में बदलाव की तैयारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि 80% भारतीय पेशेवर अगले दो सालों में नई भूमिका अपनाना चाहते हैं, जबकि दो-तिहाई (67%) लोग मौजूदा कंपनी छोड़ने की तैयारी में हैं। यानी कंपनियों के लिए यह प्रतिभा को रोककर रखने की बड़ी चुनौती बन रही है।
🔸 हाइब्रिड वर्क और विदेश में करियर की चाह
- 75% लोग हाइब्रिड कामकाज के पक्ष में हैं, लेकिन अभी भी 41% पूरी तरह ऑफिस जा रहे हैं।
- 85% प्रोफेशनल्स का इरादा है कि वे करियर में किसी समय विदेश में काम करें। इससे भारत की प्रतिभा ग्लोबल स्तर पर पैर पसारने को तैयार दिख रही है।
🔸 सस्टेनेबिलिटी और नई जिम्मेदारियां
74% प्रोफेशनल पर्यावरण से जुड़ी फाइनेंस भूमिकाओं में करियर बनाना चाहते हैं। दुनिया भर में अब बोर्ड और मैनेजमेंट स्तर पर सस्टेनेबिलिटी की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं, भारत में यह रुचि और स्पष्ट दिख रही है।
🔸 वेतन, स्किल्स और मेंटल हेल्थ भी चिंता के केंद्र में
- 67% लोगों को उम्मीद है कि अगले साल सैलरी में बढ़ोतरी होगी।
- 54% को डर है कि वे भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से स्किल्स नहीं सीख रहे हैं।
- सिर्फ 37% को ही AI संबंधित स्किल्स सीखने के मौके मिल रहे हैं।
- 51% लोगों ने माना कि काम का तनाव उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
🔸 साइड हसल का बढ़ता चलन
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 32% प्रोफेशनल अब मुख्य नौकरी के अलावा किसी और काम से भी जुड़े हैं, यानी साइड हसल ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों के साथ जुड़ाव बनाए रखना और भी जरूरी हो गया है।
ACCA इंडिया के डायरेक्टर साजिद खान ने क्या कहा?
“भारतीय फाइनेंस प्रोफेशनल अब केवल स्थिर नौकरी के पीछे नहीं हैं। वे तेजी से उद्यमिता, लचीलापन और वैश्विक अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं। नियोक्ताओं को अपने कार्यस्थल को इस बदलते रुझान के अनुरूप ढालना होगा। जो कंपनियां बदलाव के लिए तैयार होंगी, वही आने वाले समय में नेतृत्व करेंगी।”
ACCA की यह रिपोर्ट भारतीय पेशेवरों की नई सोच, आकांक्षाओं और करियर ट्रेंड्स को सामने लाती है। कंपनियों को अब ऐसे माहौल की जरूरत है जो सिर्फ नौकरी देने वाला न हो, बल्कि सपनों को पंख देने वाला भी हो।
