मुंबई : भारत की प्रमुख वैश्विक एयरलाइन, एअर इंडिया और यूरोप के सबसे बड़े विमानन समूह, लुफ्थांसा ग्रुप ने आज एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य एक ‘जॉइंट बिजनेस पार्टनरशिप’ फ्रेमवर्क स्थापित करना है, जो भारत और यूरोप के बीच हवाई संपर्क को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह समझौता एअर इंडिया, लुफ्थांसा, स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस, ब्रुसेल्स एयरलाइंस और हाल ही में समूह में शामिल हुई आईटीए (ITA) एयरवेज जैसी सहायक कंपनियों के बीच सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।
साझेदारी के मुख्य आकर्षण और लाभ
यह एमओयू मौजूदा स्टार अलायंस (Star Alliance) की सदस्यता और कोडशेयर समझौतों को एक गहरे व्यावसायिक सहयोग में बदल देगा:
- बेहतर कनेक्टिविटी: यात्रियों को एक ही टिकट पर भारत और यूरोप के प्रमुख शहरों के बीच अधिक उड़ानों और निर्बाध कनेक्टिविटी का विकल्प मिलेगा।
- साझा सुविधाएं: दोनों समूह रूट प्लानिंग, फ्लाइट शेड्यूल, जॉइंट सेल्स और मार्केटिंग में तालमेल बिठाएंगे। साथ ही, फ्रिक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी एकीकृत किया जाएगा।
- प्रीमियम अनुभव: लुफ्थांसा की नई ‘एलेग्रिस’ (Allegris) और ‘स्विस सेंसेज’ जैसी प्रीमियम केबिन सेवाओं के साथ यात्री अब और अधिक आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे।
आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती
लुफ्थांसा ग्रुप के सीईओ कार्स्टन स्पोहर ने इसे विमानन क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया, जो हालिया ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ का लाभ उठाएगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार है और यह साझेदारी दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगी। एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा कि यह फ्रेमवर्क उपभोक्ताओं और शेयरधारकों दोनों के लिए फायदेमंद होगा और एअर इंडिया के ग्लोबल विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा।
बाजार की स्थिति और भविष्य का विस्तार
वर्तमान में, दोनों समूह मिलकर 20 देशों के 145 रूट्स पर कोडशेयर संचालन करते हैं। यह नया समझौता शुरुआती तौर पर जर्मनी, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, इटली और स्विट्जरलैंड के साथ भारत के ट्रैफिक फ्लो को बढ़ाने पर केंद्रित होगा, जिसका विस्तार भविष्य में पूरे भारतीय उपमहाद्वीप और शेष यूरोप तक किया जाएगा। 2022 में निजीकरण के बाद से, एअर इंडिया ने अपने नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर काफी बढ़ाया है, जिससे अब इसके यात्रियों की पहुंच दुनिया भर के 800 से अधिक गंतव्यों तक हो गई है।


