गुड़गांव : भारत की अग्रणी वैश्विक एयरलाइन, एयर इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के हवाई सफर को और अधिक विलासितापूर्ण बनाने के लिए एक बिल्कुल नए ‘बेवरेज कलेक्शन’ का अनावरण किया है। इस नए संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘क्षेत्रीय वाइन कार्यक्रम’ (Regional Wine Programme) है, जिसके तहत विमान के गंतव्य के आधार पर विशेष वाइन का चयन किया गया है। भारतीय विमानन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए एयर इंडिया ने अपने फर्स्ट और बिजनेस क्लास के मेनू में ‘टकीला’ (1800 Reserva Añejo) को शामिल किया है। इसके साथ ही, यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए केबिन क्रू को विशेष ‘सोमेलियर’ (Sommelier) स्टाइल प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
विमान की विभिन्न श्रेणियों के लिए एयर इंडिया ने वैश्विक ब्रांडों का एक विस्तृत पोर्टफोलियो तैयार किया है। फर्स्ट क्लास में 21 साल पुरानी ‘एबरफेल्डी सिंगल माल्ट’ और ‘हेनेसी वीएसओपी’ जैसे प्रीमियम विकल्प उपलब्ध होंगे, जबकि बिजनेस क्लास में ‘रोकू जिन’ और ‘चार्ल्स हेड्सिक शैंपेन’ का आनंद लिया जा सकेगा। प्रीमियम इकोनॉमी के यात्रियों के लिए पहली बार ‘विला सांडी इल फ्रेस्को प्रोसेको’ की शुरुआत की गई है, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद स्वागत पेय के रूप में परोसा जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय शिल्प कौशल को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए प्रसिद्ध ‘रामपुर डबल कास्क सिंगल माल्ट’ को भी इस विशिष्ट सूची में स्थान दिया गया है।
एयर इंडिया ने केवल पेय पदार्थों तक सीमित न रहकर भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए एक विशेष ‘फूड-वाइन पेयरिंग’ प्रोग्राम भी पेश किया है। इसमें कैलिफ़ोर्निया की नापा वैली चार्डोने को पश्चिमी व्यंजनों और चुनिंदा रेड वाइन को भारतीय व्यंजनों जैसे ‘मुर्ग मुसल्लम’ और ‘नवाबी पनीर’ के साथ कुशलतापूर्वक जोड़ा गया है। एयर इंडिया के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर, राजेश डोगरा ने कहा कि यह नया संग्रह वैश्विक यात्रियों की बदलती पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो हमारे नए अंतरराष्ट्रीय डाइनिंग मेनू के साथ मिलकर मेहमानों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।
