मुंबई : भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंकों में से एक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा (BoB) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस (IDPD) 2025 के अवसर पर एक विशेष समारोह आयोजित किया।
इस वर्ष का थीम था: “बैंकेबिलिटीज़ – दिव्यांगजन की क्षमताओं पर विश्वास”।
समावेशन और DEI के प्रति प्रतिबद्धता
यह पहल बैंक की विविधता, समानता और समावेशन (DEI) के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है:
- कर्मचारियों की संख्या: बैंक ऑफ़ बड़ौदा में 2,325 से अधिक दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं, जो बैंक के कुल स्टाफ संख्या के लगभग 3% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- कार्यस्थल का समर्थन: बैंक सुलभ कार्यस्थल, सहायक उपकरण, कस्टमाइज़्ड भूमिकाएं और समान विकास के अवसर प्रदान करता है।
- उपस्थिति: कार्यक्रम में सुश्री बीना वाहिद, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
समारोह में दिव्यांगजन की क्षमताओं और प्रेरणा को सम्मान देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए:
- प्रेरक हस्तियों का सम्मान:
- सुश्री सुष्मिता बी. बुबना (सीईओ, एसेंट नेटवर्क्स और संस्थापक मीडिया एंटरप्राइज़ेस-फैयदा)।
- सुश्री प्रेरणा ढोने (राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता, व्हीलचेयर बास्केटबॉल)।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: दृष्टिबाधित बैंड “बांसुरी ब्लिस” द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
- प्रदर्शनी: सेल्फ एस्टीम फाउंडेशन फॉर द डिसेबल्ड के दिव्यांग कलाकारों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की एक प्रदर्शनी प्रदर्शित की गई।
- जागरूकता पहल: कर्मचारियों द्वारा एक जागरूकता नाटिका प्रस्तुत की गई और सहानुभूति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटरैक्टिव, गैर-मौखिक खेलों में प्रतिभागिता की गई।
सुलभ बैंकिंग और कर्मचारी कल्याण
कार्यपालक निदेशक सुश्री बीना वाहिद ने कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों के लिए एक्सेस और समावेशन को बढ़ावा देने हेतु बैंक ऑफ़ बड़ौदा द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला:
| पहल का क्षेत्र | उपलब्ध सुविधाएँ |
| ग्राहकों के लिए | 6,979 शाखाओं में रैंप सुविधाएं, डोरस्टेप बैंकिंग, टॉकिंग एटीएम, इनसाइट ब्रेल डेबिट कार्ड और उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म। |
| कर्मचारियों के लिए | कल्याणकारी योजनाएं, सहायक तकनीक, प्रशिक्षण सत्र और कॅरियर में प्रगति के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाने वाली नीति। |
सुश्री वाहिद ने कहा कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा समान अवसरों की उपलब्धता, आसान एक्सेस और कठिनाइयों के समाधान के माध्यम से एक समावेशी ईकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
