मुंबई : डिजिटल बैंकिंग में नवाचार को बढ़ावा देते हुए इंडसइंड बैंक ने आज अपने डिजिटल चैनलों पर ‘नेक्स्ट-जेन यूपीआई प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म’ को लाइव करने की घोषणा की है। यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म भारत के रियल-टाइम पेमेंट इकोसिस्टम में एक मील का पत्थर है, जो लाखों ग्राहकों और व्यापारियों को तेज़ ट्रांजैक्शन स्पीड, उच्च स्केलेबिलिटी और असाधारण विश्वसनीयता प्रदान करेगा। यूपीआई 6.0 के नाम से जाना जाने वाला यह प्लेटफॉर्म माइंडगेट सॉल्यूशंस द्वारा विकसित किया गया है, जो क्लाउड-रेडी और मजबूत आर्किटेक्चर पर आधारित है।
इंडसइंड बैंक इस अगली पीढ़ी के प्लेटफॉर्म पर जारीकर्ता (Issuer) और अधिग्रहणकर्ता (Acquirer) दोनों सेवाओं के लिए क्लाउड के माध्यम से लाइव होने वाला देश का पहला निजी बैंक बन गया है। इस अपग्रेड के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- बेहतर प्रदर्शन: रिकवरी टाइम (RTO) में 30% की तेजी और वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ 75% तक अधिक स्केलेबिलिटी क्षमता।
- शून्य तकनीकी बाधाएं: पीक वॉल्यूम (अधिकतम लेनदेन) के दौरान भी सब-सेकंड रिस्पॉन्स टाइम और लगभग शून्य तकनीकी अस्वीकृतियां सुनिश्चित की गई हैं।
- निर्बाध रिकवरी: कुछ ही मिनटों में निर्बाध ‘डिजास्टर रिकवरी’ की सुविधा, जो परिचालन निरंतरता को बनाए रखती है।
बैंक के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर, रवि पांगल ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण हर लेनदेन में गति और भरोसा प्रदान करने की उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इंडसइंड बैंक की ‘डिजिटल 2.0’ रणनीति के अनुरूप, यह नया प्लेटफॉर्म भविष्य के लिए तैयार एक बुद्धिमान बैंकिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
