मुंबई : इंडसइंड बैंक ने आज कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम (सीजीएएस) की शुरुआत की। इस योजना के तहत ग्राहक अपने दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ को पुनर्निवेश तक सुरक्षित रूप से जमा कर सकते हैं और आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार कर छूट का लाभ उठा सकते हैं।
यह योजना अप्रयुक्त पूंजीगत लाभ को सुरक्षित और नियामकीय रूप से रखने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे ग्राहक निर्धारित वैधानिक समय-सीमा के भीतर सोच-समझकर पुनर्निवेश का निर्णय ले सकते हैं।
इस लॉन्च से पहले केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इंडसइंड बैंक को कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम, 1988 के तहत जमा स्वीकार करने की अनुमति प्रदान की थी।
इस योजना के अंतर्गत बैंक उन अप्रयुक्त राशि को जमा के रूप में स्वीकार करेगा, जो पात्र पूंजीगत संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त होती है। इनमें आवासीय संपत्तियां, फ्लैट, फार्महाउस, कृषि भूमि, शहरी भूमि और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की भूमि शामिल हैं।
इंडसइंड बैंक सीजीएएस के तहत दो प्रकार के खाते प्रदान करता है: टाइप ए – सेविंग्स अकाउंट: इसमें फ्लेक्सिबल जमा और निकासी की सुविधा है, कोई न्यूनतम शेष राशि नहीं है और बचत खाते के अनुसार ब्याज मिलता है। टाइप बी – टर्म डिपॉजिट अकाउंट: इसमें न्यूनतम 10,000 रूपये की जमा के साथ निश्चित अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है, जिसमें पुनर्निवेश समय-सीमा के अनुसार अधिक रिटर्न मिलता है।
यह योजना इंडसइंड बैंक की अधिकृत गैर-ग्रामीण शाखाओं में उपलब्ध है और पात्र ग्राहकों में निवासी व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), गैर-व्यक्तिगत संस्थाएं और अनिवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं।
अधिक जानकारी के लिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://www.indusind.bank.in/in/en/personal/accounts/saving-account/capital-gain-account-scheme.html


