सालबोनी/कोलकाता: देश की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने और पूर्वी भारत में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए, JSW एनर्जी ने पश्चिम बंगाल के सालबोनी में 1600 मेगावाट के अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखी है। इस पावर प्रोजेक्ट में ₹16,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट राज्य में निजी क्षेत्र द्वारा अब तक की सबसे बड़ी थर्मल पावर परियोजना मानी जा रही है।
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल, JSW फाउंडेशन की चेयरपर्सन संगीता जिंदल, और पार्थ जिंदल सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
सालबोनी से बंगाल को ऊर्जा और रोजगार का बूस्टर
JSW एनर्जी का कहना है कि इस ग्रीनफील्ड पावर प्लांट से न सिर्फ राज्य को बिजली की स्थिर सप्लाई मिलेगी, बल्कि हज़ारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे – जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2000 से ज्यादा नौकरियां शामिल हैं।
यह प्लांट WBSCDCL के साथ 25 साल के बिजली खरीद समझौते (PPA) के तहत जोड़ा गया है और इसके संचालन में राज्य को आवंटित घरेलू कोयले का इस्तेमाल होगा। इससे बंगाल की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थानीय विकास दोनों को मज़बूती मिलेगी।
“सालबोनी से हमारे रिश्ते भावनात्मक हैं” – सज्जन जिंदल
सज्जन जिंदल ने कहा:
“सालबोनी हमारे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट लोकेशन नहीं, बल्कि हमारी बंगाल यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। ममता दीदी के विज़न और लोगों के विश्वास ने हमें यहाँ दोबारा आने के लिए प्रेरित किया है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि ग्रुप यहां 2000 एकड़ में JSW इंडस्ट्रियल पार्क भी विकसित कर रहा है, जिसमें प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर होगा और यह पूर्व भारत के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने वाला साबित हो सकता है।
ग्रीन एनर्जी की दिशा में भी कदम
JSW एनर्जी सिर्फ कोयला आधारित पावर पर नहीं, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज, और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज में भी सक्रिय निवेश कर रही है। कंपनी ने लगातार तीसरे साल CDP क्लाइमेट चेंज स्कोरिंग में A- रेटिंग हासिल कर पर्यावरण के प्रति अपनी गंभीरता साबित की है।
